रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। विभागों में लगातार बढ़ती जनशिकायतों और उनके समय पर निराकरण को लेकर राज्य सरकार ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को स्पष्ट आदेश दिया है कि सभी जनशिकायतों का 21 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से निपटारा किया जाए और संबंधित कार्रवाई की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

नगरीय प्रशासन संचालनालय ने इस संबंध में सभी निगम आयुक्तों, क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के सीएमओ को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि लोक अर्जियों और शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समय पर समाधान न होने से जनता का भरोसा प्रभावित हो रहा है। जारी निर्देशों के तहत सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों को कहा गया है कि वे जनशिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा करें। साथ ही, विभागों में नियुक्त नोडल अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित समाधान करने के लिए व्यक्तिगत रूप से सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक शिकायत के समाधान के बाद उसकी संपूर्ण कार्रवाई की जानकारी संबंधित विभागीय आईडी से ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य शासन स्तर पर निगरानी और समीक्षा को आसान बनाना है।
50% से अधिक शिकायतें लंबित
सामान्य प्रशासन एवं जनशिकायत निवारण विभाग की समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान में लोक अर्जियों के 50 प्रतिशत से अधिक प्रकरण लंबित हैं। विशेषकर वे शिकायतें, जिनका 21 दिन के भीतर निराकरण नहीं हो पा रहा है, शासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं।

