पाकिस्तान ने फिर से कोई हिमाकत की तो तबाह हो जाएगा : रक्षा मंत्री

      लोंगेवाला में भारतीय सेना का ऑपरेशन थार शक्ति युद्धाभ्यास

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          ऑपरेशन थार शक्तिजैसलमेर (एजेंसी) (AKHANDBHARATHNKP.COM)। ऑपरेशन थार शक्ति के तहत राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा के पास लोंगेवाला बॉर्डर पर भारतीय सेना की एलीट यूनिट भैरव कमांडोज़ ने अपने शौर्य और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इस युद्धाभ्यास में भैरव कमांडोज़ के साथ-साथ इन्फैंट्री, आर्टिलरी और आर्मी एयर डिफेंस यूनिट्स ने भी हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने लगाने वाली डोज दे दी है। लेकिन अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई हिमाकत की तो इस बार तबाह हो जाएगा।
          ऑपरेशन थार शक्ति में भारतीय सेना ने टैंक कॉलम की मूवमेंट, तोपों से गोलीबारी और थल सेना को एयर सपोर्ट देने जैसे ऑपरेशनों का अभ्यास किया। आर्मी एयर डिफेंस की टीम ने कामीकाज़े ड्रोन से दुश्मन पर हमले की प्रैक्टिस की। इस युद्धाभ्यास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टारगेटिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, स्वदेशी अर्जुन और टी-90 टैंक, पिनाका रॉकेट सिस्टम जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इस अभ्यास का मकसद भविष्य के युद्ध में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की तैयारी करना था। युद्धाभ्यास में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त कार्रवाई, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन पर खास जोर दिया गया।

          1971 की याद और ऑपरेशन सिंदूर की गूंज

          लोंगेवाला वही ऐतिहासिक जगह है, जहां 1971 में पंजाब रेजीमेंट के 120 जवानों ने पाकिस्तान के 2000 सैनिकों और 40 टैंकों की टुकड़ी का डटकर मुकाबला किया था। रक्षा मंत्री ने इस शौर्य को याद करते हुए कहा, ऑपरेशन सिंदूर इतिहास में केवल एक सैन्य अभियान के रूप में ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के साहस और संयम के प्रतीक के रूप में भी दर्ज होगा। आतंकवादियों के खिलाफ हमारी सेना द्वारा की गई कार्रवाई नीतिगत सटीकता और मानव की गरिमा, दोनों के अनुरूप थी। ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। शांति के लिए हमारा मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक एक भी आतंकवादी मानसिकता वाला व्यक्ति जिंदा है।

          तनोट माता मंदिर में रक्षा मंत्री की पूजा

          रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर के तनोट माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और बैटल एक्स डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल आशीष खुराना मौजूद थे। सिंह ने महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया और मनसा माता मंदिर के पास खेजड़ी के पेड़ पर मनोकामना के लिए रुमाल बांधा। उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध में तनोट माता मंदिर पर गिराए गए उन बमों को भी देखा, जो नहीं फटे थे। सिंह ने कहा, तनोट माता के दर्शन कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं और मेरा जीवन धन्य हो गया है।

          भारतीय नौसेना ने भारत की ताकत का एहसास कराया : रक्षा मंत्री

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