रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। करीब 35 वर्ष पुराने खारुन नदी पुल की मरम्मत से पहले ही बड़ी प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है। नेशनल हाईवे (एनएच) अधिकारियों द्वारा वर्षभर पहले बिना तकनीकी सर्वे के ही पुल मरम्मत के लिए 16 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया था।
टेंडर जारी होने के बाद संबंधित एजेंसी ने कार्य प्रारंभ करने के लिए मशीनें और संसाधन जुटा लिए थे, लेकिन अचानक काम रोक दिया गया। अब लगभग एक वर्ष बाद 1 अप्रैल से मरम्मत कार्य शुरू किया जा रहा है। इससे पहले हाल ही में पुल का थर्ड पार्टी से तकनीकी सर्वे कराया गया, जिसकी रिपोर्ट एनएच को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि पुल के बेयरिंग वर्तमान में सही स्थिति में हैं और उन्हें बदलने की आवश्यकता नहीं है। उल्लेखनीय है कि एनएच द्वारा जारी टेंडर में 56 बेयरिंग और 10 एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलने के साथ-साथ सड़क की नई डामरीकरण का प्रावधान शामिल था। इस कार्य का ठेका मिथिलेश मिश्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने मेरठ से मशीनें और विशेषज्ञ बुला लिए थे तथा 56 नए बेयरिंग भी तैयार कर लिए गए थे। बाद में अधिकारियों ने बारिश का हवाला देते हुए कार्य स्थगित कर दिया। एसीपी सतीश सिंह ठाकुर के अनुसार, रायपुर और दुर्ग ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर डायवर्जन मार्ग तय कर लिए गए हैं। पुल के दोनों ओर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध
मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुबह 9 से 12 बजे और शाम 5 से रात 8 बजे तक पुल पर यातायात का दबाव अधिक रहता है, जबकि आधी रात में भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में सुबह के समय भारी वाहनों को दुर्ग स्थित बाफना टोल प्लाजा पर रोका जाएगा, जिन्हें दोपहर बाद छोड़ा जाएगा। वहीं शाम के समय टाटीबंध क्षेत्र में भी भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। थर्ड पार्टी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अब पुल का पुन: डामरीकरण किया जाएगा। इसके अलावा 10 एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत तथा दोनों ओर की रेलिंग सुधार का कार्य किया जाएगा। यह कार्य पूर्व में चयनित ठेका एजेंसी द्वारा ही संपादित किया जाएगा।

