Friday, February 6, 2026

कोरबा : किसान के परिवार को बंधक बनाने वाले डकैतों तक नहीं पहुंची पुलिस

आरोपी बोले- सौम्या चौरसिया का पैसा दो नहीं तो जान से मार देंगे, बालको थाना क्षेत्र के ग्राम तराईडांड में हुई घटना

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कोरबाकोरबा (AKHANDBHARATHNKP.COM)। मंगलवार की रात किसान के घर हुई डकैती के आरोपी अब तक पुलिस पकड़ से बाहर हैं। 15 से अधिक हथियारबंद डकैतों ने किसान के परिवार के 11 सदस्यों को बंधक बनाया और सौम्या चौरसिया के पैसों के बारे में पूछा और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। डेढ़ लाख रुपए कैश और साढ़े 5 लाख रुपए जेवरात लूटकर फरार हो गए।
बालको थानान्तर्गत ग्राम तराईडांड में शत्रुहन दास महंत अपने परिवार के साथ निवास करता है। बताया जा रहा है कि शत्रुहन दास के परिवार में बेटा, बहू और भाई समेत 11 सदस्य हैं। रात लगभग 10 बजे सभी भोजन उपरांत अपने अपने कमरे में सोने चले गए थे। रात लगभग 1 बजे उरनके घर के पिछले हिस्से की दीवार फांदकर हथियार से लैस कुछ लोग घुस आए। शत्रुहन को एहसास हुआ कि कुुत्ता या फिर कोई जानवर अंदर आ गया है। उसने जब कमरे से बाहर निकला तो देखा कि बाहर हथियार से लैस लोग खड़े हैं। इसी दौरान उन्होंने हथियार की नोक पर शत्रुहन को बंधक बना लिया। साथ ही परिवार के अन्य सदस्यों को भी रस्सी से बांधकर कमरे में बंद कर दिया गया। डकैतों ने घर में रखे सामानों को खंगालना शुरू कर दिया। डकैत घर में रखे लगभग डेढ़ लाख नगदी और सोने चांदी के जेवरात ले भागे। देर रात लगभग 3 बजे रस्सी से बंधे परिवार के सदस्यों ने एक दूसरे के सहयोग से मुक्त होकर गांव वालों को इसकी सूचना दी। डकैती की खबर आम होते ही गावं में हड़कंप मच गया। इसकी शिकायत बालको पुलिस से की गई। सूचना पर पुलिस के उच्च अधिकारी और बालको थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शत्रुहन दास और परिजनों का बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और डकैतों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। साथ ही साइबर सेल की टीम भी साक्ष्य जुटाने के प्रयास में जुटी हुई है।

सौम्या चौरसिया को लेकर पूछते रहे डकैत

पीडि़त परिवार ने बताया कि डकैत लगातार निलंबित प्रशासनिक अफसर सौम्या चौरसिया का नाम लेकर पूछ रहे थे कि उनका 20-25 लाख रुपए का पैसा कहां छिपाया है। डकैतों ने बच्चों को भी धमकाया और एक बच्ची को कब्जे में लेकर पूरे घर की तलाशी ली। परिवार ने बताया कि पहले दिन वे दहशत में होने के कारण ज्यादा कुछ नहीं बता पाए थे। बता दें कि किसान की बेटी बबीता निलंबित प्रशासनिक अधिकारी सौम्या चौरसिया की क्लासमेट रही है। कांग्रेस शासनकाल में सौम्या चौरसिया जब संयुक्त कलेक्टर के रूप में मुख्यमंत्री कार्यालय में उपसचिव थीं तब बबीता उनके घर पर ही रहती थी। गिरफ्तारी के बाद वह घर लौट आई।

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