Friday, February 6, 2026

अलर्ट : एसआईआर फार्म भरने बीएलओ नहीं मांगते ओटीपी : चुनाव आयुक्त

पर्सनल जानकारी किसी को ना दे, थाने में करे शिकायत

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रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने कहा है कि फोन के माध्यम से निर्वाचन आयोग का कोई भी कर्मचारी किसी भी मतदाता से ओटीपी नहीं पूछता। ऐसा होने पर थाने में शिकायत कर सकते हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ में साइबर ठगी लगातार नई-नई तरकीबों के साथ बढ़ती जा रही है। साइबर ठगों ने लोगों को ठगने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फार्म भरने के नाम पर ओटीपी मांगने का पैटर्न निकाला है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार ये साइबर ठगों का पैटर्न है, इससे बचने की आवश्यकता सभी मतदाताओं को है। बता दें कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों के मुताबिक साइबर ठगों ने प्रदेश में जनवरी 2025 से जून 2025 तक 67 हजार 389 लोगों से 791 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई थी। साइबर ठग लगातार नए-नए पैटर्न से ठगी के वारदातों को अंजाम देते है। अब इस रिपोर्ट में विस्तार से जानिए साइबर ठगी के 10 नए पैटर्न और इनसे कैसे बचा जा सकता है।

वोटर लिस्ट से नाम हटाने की देते हैं धमकी

साइबर ठगों निर्वाचन कर्मी बनकर फोन करते है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फॉर्म भरने की बात बोलकर झांसे में लाते है। बातचीत करने के दौरान ओटीपी मांगते है और ओटीपी नहीं देने पर वोटर लिस्ट से नाम कटने की धमकी देते है। वोटर लिस्ट से नाम ना कट जाए, इसलिए कॉलर उन्हें ओटीपी बता देते है और उनके अकाउंट से पैसा कट जाता है। 24 राज्यों में निर्वाचन आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फॉर्म भरने की प्रक्रिया करवा रहा है। कई राज्यों में इस पैटर्न पर ठगी के केस सामने आए है।

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