रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में पूर्व एक्साइज कमिश्नर निरंजन दास ने 16करोड़ कमाए हैं। इस भ्रष्टाचार के कारण सरकार को 530 करोड़ का नुकसान हुआ है। यह बात आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ( EOW ) ने सातवीं चार्जशीट पेश करके रायपुर की स्पेशल कोर्ट को बताया। चार्जशीट में जिन 6 आरोपियों के नाम हैं वे सभी आरोपी रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं।

जांच से पता चला कि पूर्व एक्साइज कमिश्नर निरंजन दास ने एक्साइज पॉलिसी में कई बदलाव किए। टेंडर और सिस्टम में हेरफेर किया । आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ( EOW ) के मुताबिक, अब तक इस मामले में 50 लोगों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। जांच में पता चला कि निरंजन दास ने 16 करोड़ कमाए। भ्रष्टाचार के कारण सरकार को 530 करोड़ का नुकसान हुआ। नितेश पुरोहित और उसका बेटा यश पुरोहित अपने होटल में सिंडिकेट का पैसा जुटाते थे।शराब घोटाला में ED की जाँच में तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में आईएएस अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी ऐपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ( EOW ) की चार्जशीट के मुताबिक
- सिंडिकेट को अनवर ढेबर व अनिल टुटेजा का संरक्षण प्राप्त था।
- निरंजन दास को हर महीने 50 लाख रुपए मिलते थे।
- निरंजन दास ने अपने परिजनों के लिए संपत्ति खरीदी, जिसकी जांच जारी है।
- कमीशन लेने के लिए गलत FL-10A लाइसेंस प्रणाली बनाई गई।
- अतुल सिंह और मुकेश मनचंदा बिचौलिये के रूप में काम करते थे।
- गलत लाइसेंस नीति के कारण सरकार को लगभग 530 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

