रायपुर में बढ़ते नशे पर बोले आरएसएस प्रमुख, यूथ लोनली फील कर रहा
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत रायपुर के एम्स ऑडिटोरियम में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने अरावली पर्वत को लेकर कहा कि अब तक दुनिया ऐसा विकास मॉडल नहीं खोज पाई है जिसमें पर्यावरण और विकास साथ-साथ चल सकें। बता दें कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. भागवत तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण दोनों का समानांतर विकास हो, ऐसा संतुलित विकल्प तलाशना होगा। युवाओं और बढ़ते नशे पर ने उन्होंने कहा कि आज यूथ लोनली फील कर रहा है। फैमिली से संवाद कम हो गया है। फैमिली न्यूट्रल हो रही है। बातचीत की कमी के चलते युवाओं के सामने विकल्प के रूप में मोबाइल और नशा सामने आ रहा है। सभी धर्म के मंदिर लोगों के अधीन है। हमारे यहां सरकारी, निजी और अन्य भी है। हमारे यहां हिंदू के अधीन क्यों नहीं है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में अलग-अलग संप्रदाय हैं और अलग-अलग लोग हैं। कई मंदिर निजी हैं और कई मंदिर सरकारी हैं। दोनों में अव्यवस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि अब लोगों के ध्यान में आ रहा है कि मंदिर अपने अधीन लेना है। उन्हें सुप्रीम कोर्ट में जाना चाहिए और याचिका लगाइए। मंदिर जिनका है, उनके ही अधीन होना चाहिए। इस पर काम चल रहा है। सवाल यह भी है कि इन चीजों को लेकर सुप्रीम कोर्ट कौन जाए। इस पर भी काम किया जा रहा है।
भाईचारा ही हमारी परंपरा, झगड़ा करना हमारा स्वभाव नहीं : मोहन भागवत

