Friday, February 6, 2026

आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी, हाईकोर्ट ने नई नियुक्तियों पर लगाई रोक

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बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में 6,000 पदों पर जारी आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बडिय़ों को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। भर्ती को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पी.पी. साहू की एकलपीठ ने नई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, अगली सुनवाई तक पुलिस विभाग किसी भी चयनित अभ्यर्थी को जॉइनिंग लेटर जारी नहीं कर सकेगा। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को निर्धारित की गई है।

आरक्षक भर्तीप्रदेश के सभी जिलों में रिक्त आरक्षक पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित की गई थी। चयन सूची जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप सामने आए। इसे लेकर सक्ती, बिलासपुर, रायगढ़ और मुंगेली जिलों के अभ्यर्थियों—मनोहर पटेल, विवेक दुबे, मृत्युंजय श्रीवास, कामेश्वर प्रसाद, गजराज पटेल, अजय कुमार, जितेश बघेल, अश्वनी कुमार यादव, ईशान सहित अन्य ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।

आउटसोर्स एजेंसी पर गंभीर आरोप

याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा बेहद भ्रष्ट तरीके से कराई गई। फिजिकल टेस्ट के दौरान डेटा रिकॉर्डिंग का कार्य शासन द्वारा आउटसोर्स पर नियुक्त टाइम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया था। आरोप है कि एजेंसी ने निष्पक्षता का पालन नहीं किया और पैसों के लेन-देन के माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया।

एसएसपी के पत्र को बनाया गया आधार

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि शारीरिक परीक्षा में बड़े स्तर पर हेरफेर हुआ है। इसके समर्थन में 19 दिसंबर 2024 को बिलासपुर एसएसपी एवं चयन समिति के अध्यक्ष द्वारा पुलिस मुख्यालय रायपुर को लिखा गया पत्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें फिजिकल टेस्ट के दौरान पाई गई गड़बडिय़ों का उल्लेख किया गया था।

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