हरारे (एजेंसी)। अंडर-19 वर्ल्डकप का फाइनल मुकाबला आज 5 बार की चैंपियन भारतीय टीम और 1998 की विजेता इंग्लैंड के बीच हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जा रहा है। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया है।
भारतीय टीम रिकॉर्ड 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची है। वहीं, इंग्लैंड की टीम तीसरी बार फाइनल मुकाबला खेल रही है। इंग्लैंड ने अब तक सिर्फ एक बार, वर्ष 1998 में, खिताब अपने नाम किया था। उल्लेखनीय है कि 2022 के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को हराकर पांचवीं बार ट्रॉफी जीती थी।

दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 50 ओवर में 4 विकेट पर 310 रन बनाए। टीम की ओर से फैजल शिनोजादा ने 110 रन और उजैरुल्लाह नियाजई ने नाबाद 101 रन की शानदार शतकीय पारियां खेलीं। भारत की ओर से दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके।
आरोन जॉर्ज रहे प्लेयर ऑफ द मैच
311 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने ओपनर आरोन जॉर्ज (115 रन) के शतक की बदौलत 41.1 ओवर में 3 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। वैभव सूर्यवंशी ने 68 रन और कप्तान आयुष म्हात्रे ने 62 रन की अर्धशतकीय पारियां खेलीं। यह जीत भारत के लिए ऐतिहासिक रही, क्योंकि टीम ने टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज पूरा किया। साथ ही, यह यूथ वनडे क्रिकेट में भी अब तक का सबसे बड़ा सफल रन चेज है।

