मुंबई (एजेंसी)। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि लोन महंगे नहीं होंगे और आम लोगों की ईएमआई भी फिलहाल नहीं बढ़ेगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

गौरतलब है कि आरबीआई ने दिसंबर में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर इसे 5.25 प्रतिशत किया था। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है। जब रेपो रेट घटता है, तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है, जिसका फायदा ग्राहकों को कम ब्याज दर और सस्ती ईएमआई के रूप में मिलता है।
छोटे डिजिटल फ्रॉड पर 25 हजार तक मुआवजे का प्रस्ताव
आरबीआई ने डिजिटल पेमेंट से जुड़े फ्रॉड को लेकर एक नया फ्रेमवर्क लाने का भी प्रस्ताव रखा है। इसके तहत छोटे अमाउंट वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शन में नुकसान झेलने वाले ग्राहकों को 25 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया जा सकता है।गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि हाल के दिनों में धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। इन्हें रोकने के लिए रिजर्व बैंक लगातार कदम उठा रहा है। इसी दिशा में डिजिटल पेमेंट की सुरक्षा बढ़ाने को लेकर एक डिस्कशन पेपर भी जारी किया जाएगा। इसमें क्रेडिट लिमिट की लेयरिंग और बुजुर्गों जैसे खास यूजर्स के लिए अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं।
2025 में कुल 1.25% की कटौती
फरवरी 2025 में ब्याज दरों को 6.50% से घटाकर 6.25% किया गया।
यह कटौती करीब 5 साल बाद की गई थी।
अप्रैल की बैठक में दूसरी बार 0.25% की कटौती हुई।
जून में तीसरी बार 0.50% की बड़ी कटौती की गई।
दिसंबर में 0.25% की कटौती के बाद रेपो रेट 5.25% पर पहुंच गई।

