अब डिजिटल तरीके से चेक होंगी सीबीएसई 12वीं की कॉपियां, स्क्रीन पर अंक देंगे शिक्षक

      Date:

          नई दिल्ली (एजेंसी)। इस साल सीबीएसई 12वीं की बोर्ड परीक्षा में करीब 17 लाख छात्रों की कॉपियां डिजिटल तरीके से जांची जाएंगी। इसका मतलब है कि अब शिक्षक कॉपियां हाथ में लेकर नहीं बल्कि कंप्यूटर पर देखकर अंक देंगे। 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक होंगी।

          सीबीएसई 12वींसीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार, इससे कॉपी लाने-ले जाने में समय और खर्च बचेगा। शिक्षक अपने स्कूल में रहते हुए मूल्यांकन कर पाएंगे और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। बोर्ड का उद्देश्य है कि मूल्यांकन तेज़, पारदर्शी और गलती रहित हो। इसके लिए हर छात्र की सभी आंसर शीट्स (उत्तरपुस्तिका) के हर पन्ने को परीक्षा केंद्र में ही स्कैन करके कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। करीब 1 करोड़ कॉपियों के लगभग 32 करोड़ पन्ने स्कैन करके अपलोड होंगे। परीक्षक इन डिजिटल कॉपियों की जांच करके ही नंबर देंगे। 10वीं बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की चेकिंग पहले की तरह कागज पर ही होगी।

          शिक्षकों को दी जाएगी ट्रेनिंग

          बता दें कि डिजिटल चेकिंग के लिए स्कूल में कंप्यूटर लैब अनिवार्य है। लेटेस्ट इंटरनेट ब्राउजर, एडोब रीडर, कम से कम 2 एमबीपीएस की स्थिर इंटरनेट स्पीड, निर्बाध बिजली सुनिश्चित करनी होगी। वहीं, सभी ओएसिस आईडी वाले शिक्षकों को प्रशिक्षण मिलेगा। वहीं समस्या समाधान के लिए कॉल सेंटर बनाए जा रहे हैं।

          ऐसे होगी ऑनस्क्रीन मार्किंग

          • पहले चरण में छात्र परीक्षा केंद्र पर पहले की तरह कॉपी में उत्तर लिखेंगे। परीक्षा ऑफलाइन ही होगी। बोर्ड परीक्षा में विषय के हिसाब से 40 पेज, 32 पेज और 20 पेज की कॉपी का इस्तेमाल होता है।
          • दूसरे चरण में सभी उत्तर पुस्तिकाएं हाई सिक्योरिटी स्कैनिंग सेंटर में स्कैन होंगी। यह स्कूल के कंप्यूटर लैब में ही होगा। हर पेज की डिजिटल इमेज बनेगी। हर कॉपी को यूनिक कोड मिलेगा। कॉपी जांचते समय छात्र का नाम व रोल नंबर नहीं दिखेगा। इससे पक्षपात की संभावना खत्म होगी।
          • तीसरे चरण में सीबीएसई के स्कूल के टीचर कंप्यूटर लैब में ओएसिस आईडी से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल पर लॉगइन करेंगे। तब उन्हें पता चलेगा कि आज उन्हें कितनी कॉपियां जांचनी हैं।
          • चौथे चरण में छात्र की कॉपी के स्कैन किए हुए पेज शिक्षक के सामने आएंगे। हर प्रश्न के लिए एक अलग मार्क्स कॉलम होगा, जिसमें उस प्रश्न के पूर्णांक (कुल मार्क्स) लिखे होंगे। शिक्षक उसमें छात्र के जवाब के हिसाब से जो भी मार्क डालेंगे, वह सिस्टम में अपने आप सेव हो जाएगा।
          • पांचवें चरण में जब कॉपी पूरी चेक हो जाएगी तो शिक्षक को अंकों का जोड़-घटाव नहीं करना है। टोटलिंग खुद होगी।
          • छठवें चरण में कुछ कॉपियों को री-चेक या मॉडरेशन के लिए दूसरे वरिष्ठ परीक्षक को भी दिखाया जा सकता है। पूरा ट्रैक रिकॉर्ड सिस्टम में रहेगा कि किस शिक्षक ने कब कितनी देर में कैसे मूल्यांकन किया।
          • सातवें चरण में यहां से अंक सीधे सीबीएसई के रिजल्ट डेटाबेस में पहुंच जाएंगे यानी कोई मार्क ट्रांसफर, मैनुअल एंट्री और दोबारा सत्यापन की जरूरत नहीं होगी। रिजल्ट तय तारीख पर कम विवाद और ज्यादा भरोसे के साथ घोषित हो सकेंगे।

              Share post:

              Popular

              More like this
              Related

              असम के तैराकों ने राज्यपाल से की मुलाकात, 9 पदक जीतकर बने फर्स्ट रनर-अप

              रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026...

              सुकमा में मुठभेड़, एक नक्सली ढेर, ऑपरेशन जारी

              सुकमा (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पुलिस और...