दिल्ली की बैठक में राहुल व कांग्रेस अध्यक्ष खडग़े ने दिया निर्देश
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अब जिलाध्यक्षों के कामकाज पर सीधे नजर रखी जाएगी। दिल्ली में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पार्टी नेतृत्व ने कहा कि 10 दिन के आवासीय प्रशिक्षण के बाद सभी जिलाध्यक्षों के कामकाज की लगातार निगरानी की जाएगी।
पार्टी के अनुसार छह महीने बाद जिलाध्यक्षों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें संगठन की मजबूती, जनसंपर्क, सदस्यता अभियान, स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता और जमीनी पकड़ देखी जाएगी। जिन जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहेगा, उन्हें बदला भी जा सकता है। इंदिरा भवन में कांग्रेस के नवनियुक्त जिला और शहर अध्यक्षों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस बैठक में छत्तीसगढ़ के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु के अध्यक्ष भी शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल मौजूद रहे। नेतृत्व ने कहा कि जिलाध्यक्ष संगठन की रीढ़ हैं, इसलिए उन्हें मजबूत बनाना जरूरी है।
पद नहीं प्रदर्शन रखेगा मायने
ट्रेनिंग में बूथ से जिला स्तर तक संगठन मजबूत करने, मीडिया मैनेजमेंट, सोशल मीडिया कैंपेन, डिजिटल रणनीति और जनता से सीधे जुड़ाव जैसे विषयों पर सत्र रखे गए। पार्टी ने साफ कर दिया कि अब केवल पद नहीं, बल्कि प्रदर्शन मायने रखेगा। छह महीने बाद समीक्षा में कई लोगों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।

