Friday, February 13, 2026

भारतमाला मुआवजा घोटाला: फरार तहसीलदार और नायब तहसीलदार गिरफ्तार, करोड़ों की गड़बड़ी का खुलासा

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रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। भारतमाला परियोजना के तहत अभनपुर में हुए मुआवजा घोटाले के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में अभनपुर के तत्कालीन तहसीलदार शशिकांत कुर्रे और गोबरा नवापारा के तत्कालीन नायब तहसीलदार लखेश्वर प्रसाद किरण शामिल हैं। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

भारतमाला परियोजनाजांच में सामने आया है कि रायपुर-विशाखापट्नम और दुर्ग बायपास भारतमाला सड़क परियोजना के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए साजिश रची गई। आरोप है कि राजस्व अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों, पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों और भू-माफियाओं के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन कागजातों के आधार पर जमीन मालिकों को वास्तविक राशि से कई गुना अधिक मुआवजा दिलाया गया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इससे पहले विशेष अदालत ने उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट और उद्घोषणा जारी की थी। वहीं उनकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी विशेष न्यायालय में विचाराधीन है।

78 करोड़ का दिखाया भुगतान

मामले में कुल 43 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आई है। आरोप है कि जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर एनएचएआई को 78 करोड़ रुपये का भुगतान दर्शाया गया। एसडीएम, पटवारी और भू-माफिया के गठजोड़ ने कथित तौर पर बैकडेट में दस्तावेज तैयार कर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया। मामले में पहले ही डिप्टी कलेक्टर शशिकांत कुर्रे को निलंबित किया जा चुका है, जबकि निगम कमिश्नर निर्भय साहू पर भी कार्रवाई हुई थी। निर्भय कुमार साहू समेत पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर 43 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक की अनियमितता के आरोप हैं।

जमीन को 159 खसरों में बांटकर जोड़े 80 नए नाम

राजस्व विभाग के अनुसार, वास्तविक मुआवजा लगभग 29.5 करोड़ रुपये होना था। अभनपुर के नायकबांधा और उरला गांवों में जमीन को 159 खसरों में बांटकर 80 नए नाम रिकॉर्ड में जोड़े गए। इससे 559 मीटर जमीन की कीमत 29.5 करोड़ से बढ़कर 70 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। अभनपुर क्षेत्र में 9.38 किलोमीटर सड़क के लिए कुल 324 करोड़ रुपये मुआवजा तय हुआ था, जिसमें से 246 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि 78 करोड़ रुपये की राशि फिलहाल रोकी गई है।

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