जिन स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य वहां से मुसलमान अपने बच्चों को निकालें : नदवी

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          उज्जैन (एजेंसी)। उज्जैन के इमाम मुफ्ती सैय्यद नासिर अली नदवी ने केन्द्र सरकार के राष्ट्रगीय वंदे मातरम के फैसले को इस्लाम विरोधी बताते हुए कहा कि यह धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। उनका कहना है कि वंदे मातरम् में हिंदुस्तान की भूमि की पूजा का उल्लेख है, लेकिन मुसलमानों के लिए यह स्वीकार्य नहीं कि वे अल्लाह के साथ किसी अन्य को अपनी पूजा में शामिल करें।

          उन्होंने आगे कहा कि जिन स्कूलों में वंदे मातरम् को अनिवार्य किया जा रहा है, वहाँ मुसलमान अपने बच्चों को स्कूल से निकालने की सलाह देंगे। नदवी ने इसे कानून के खिलाफ बताते हुए सरकार से अपील की कि यह निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। बता दें कि केंद्र सरकार ने 28 जनवरी को राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और अन्य औपचारिक आयोजनों में वंदे मातरम बजाना अनिवार्य होगा और इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना जरूरी होगा। हालांकि, इस आदेश को लेकर धार्मिक समुदायों में विरोध भी देखा गया है।

          गृह मंत्रालय का आदेश, अब जन गण मन से पहले होगा वंदे मातरम

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