मुंबई (एजेंसी)। महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक हादसे के बाद विमान का ब्लैक बॉक्स तेज गर्मी और आग की चपेट में आ गया जिससे उसे नुकसान पहुंचा है।

मंत्रालय ने जानकारी दी कि विमान में लगे दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर में से डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर)) का डेटा एएआईबी ने अपनी फ्लाइट रिकॉर्डर लैब में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया है। यह रिकॉर्डर अमेरिकी कंपनी L3Harris Technologies (पूर्व में L-3 कम्युनिकेशंस) द्वारा निर्मित है। वहीं कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR), जिसे अमेरिकी कंपनी ने बनाया है, की विस्तृत तकनीकी जांच जारी है। इसके डेटा को रिकवर करने के लिए कंपनी से तकनीकी सहायता मांगी गई है।
इस बीच, रोहित पवार (एनसीपी-शरद गुट के विधायक और अजित पवार के भतीजे) ने ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने के दावे पर तंज कसते हुए कहा कि ब्लैक बॉक्स भीषण आग और धमाकों से सुरक्षित रह सकता है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति से नहीं। फिलहाल, एएआईबी की जांच जारी है और ब्लैक बॉक्स से प्राप्त डेटा के आधार पर हादसे के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
ब्लैक बॉक्स जलना नामुमकिन
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्लैक बॉक्स 1100° डिग्री में 1 घंटे, 260° डिग्री टेम्परेचर 10 घंटे तक झेल सकता है। बारामती में विमान जमीन से कुछ फीट ऊंचाई पर था। आग सीमित थी। बॉक्स का पूरी तरह से जल जाना असंभव है।
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