डीएमएफ परियोजनाओं में परिणाम आधारित कार्य करें सुनिश्चित : कलेक्टर

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      • विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी गंभीरता व जवाबदेही के साथ काम करने हेतु किया निर्देशित

          कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में कृषि विकास और किसानों के हितों को सशक्त बनाने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कलेक्टर सभाकक्ष में कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, आगामी वर्ष की रणनीति और जिला खनिज निधि से स्वीकृत कार्यों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की गई।

          कलेक्टर कुणाल दुदावत

          कलेक्टर दुदावत ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण गंभीरता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित हो और किसानों को वास्तविक लाभ प्राप्त हो। उन्होंने कृषि अधिकारियों को उत्पादन में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने हेतु योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में द्वि-फसली क्षेत्र के विस्तार को बढ़ावा देने, खरीफ और रबी फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा मक्का, रागी, कोदो जैसे मिलेट और दलहन-तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों को लाभान्वित करने, ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग और एग्रीस्टेक पंजीकरण के लक्ष्यों को पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने रोपणियों की स्थिति और पौधों से होने वाली आय में वृद्धि के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने ऑयल पाम पौधारोपण के लिए प्रस्ताव तैयार करने, पपीता प्लांटेशन विकसित करने, मधुमक्खी पालन और मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार के निर्देश दिए।

          पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश

          कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने, पशु नस्ल सुधार के लिए जागरूकता बढ़ाने, बैकयार्ड कुक्कुट, नर बकरा एवं सुकरत्रयी वितरण और पशु टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल यूनिट के माध्यम से पशु स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी संचालन भी सुनिश्चित करने को कहा। मत्स्य संपदा विभाग के लिए उन्होंने हैचरी की स्थिति, स्पान उत्पादन और लक्ष्यों की पूर्ति की समीक्षा की। मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोडऩे और विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को मछली पालन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।

          शीघ्र पूर्ण किए जाने डीएमएफ से स्वीकृत कार्य

          रेशम विभाग की समीक्षा में नर्सरियों की स्थिति और टसर एवं मलबरी रेशम उत्पादन के क्षेत्र विस्तार पर ध्यान दिया गया। सभी शासकीय फाम्र्स में धागाकरण यूनिट प्रारंभ करने और स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले में लाख उत्पादन बढ़ाने और आय सृजन के नए अवसर विकसित करने के लिए सुव्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को किसानों को नवाचार और वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से लाभान्वित करने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए। अंत में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि डीएमएफ से स्वीकृत कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं, अपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा किया जाए और पूर्णता प्रमाण पत्र तुरंत प्रेषित किया जाए। बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी, रेशम विभाग, नोडल कोऑपरेटिव बैंक और कृषि विज्ञान केंद्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

          कलेक्टर ने बिजली बिल सुधार, पेयजल समस्या व पीएम आवास के मामलों पर कार्रवाई के दिए निर्देश

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