आरटीई प्रवेश से निजी स्कूलों ने किया किनारा, 54 हजार से अधिक छात्रों का भविष्य अधर में

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      • प्रतिपूर्ति राशि न बढऩे से नाराज प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन, 6000 से ज्यादा स्कूलों ने किया असहयोग का ऐलान

      रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत होने वाली प्रवेश प्रक्रिया को लेकर निजी स्कूलों ने बड़ा निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इस वर्ष आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने की घोषणा की है। इस फैसले से प्रदेश के 54 हजार 824 छात्रों के प्रभावित होने की आशंका है।

          आरटीई

          एसोसिएशन का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर शासन द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। संगठन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के अनुसार, आरटीई के तहत पिछले 14 वर्षों से फीस प्रतिपूर्ति राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि महंगाई और संचालन लागत लगातार बढ़ रही है। एसोसिएशन के मुताबिक प्रदेश के 6000 से अधिक निजी स्कूल इस निर्णय से प्रभावित होंगे। ये स्कूल आरटीई के तहत लॉटरी या ऑनलाइन माध्यम से चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।

          हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी नहीं हुआ निर्णय

          संगठन ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय ने शासन को छह महीने के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी के चलते एसोसिएशन ने मार्च माह में ही असहयोग आंदोलन की घोषणा कर दी थी। इसके तहत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस और पत्रों का जवाब भी नहीं दिया जा रहा है।

          गरीब और वंचित छात्रों पर पड़ेगा असर

          निजी स्कूल प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय का सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के छात्रों पर पड़ेगा, जो आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश पाते हैं। संगठन का कहना है कि वर्तमान प्रतिपूर्ति राशि में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना संभव नहीं रह गया है। एसोसिएशन ने सरकार से फीस प्रतिपूर्ति राशि के पुनर्निर्धारण, अन्य राज्यों की तर्ज पर व्यावहारिक दर तय करने और लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक इन मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग संभव नहीं होगा।

          प्रदेश में 54,824 सीटें उपलब्ध

          स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य में आरटीई के तहत कुल 54 हजार 824 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें कक्षा पहली में प्रवेश दिया जाता है। इन विद्यार्थियों की शिक्षा का खर्च राज्य सरकार वहन करती है। सीटों का निर्धारण यू-डाइस पोर्टल पर दर्ज पिछले वर्ष की कक्षा पहली की प्रविष्टियों के आधार पर किया जा रहा है, जिससे गलत या भ्रामक जानकारी पर रोक लगी है।

          आरटीई सीटों में कमी पर हाईकोर्ट सख्त, स्कूल शिक्षा विभाग से मांगा स्पष्ट जवाब

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