मथुरा (एजेंसी)। वृंदावन में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं। शनिवार को दूसरे दिन भी बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। आर्मी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन सहित करीब 250 जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए 14 किलोमीटर के दायरे में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

हादसा शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे केसी घाट पर हुआ था, जहां 37 श्रद्धालुओं से भरी नाव यमुना नदी में पलट गई। यह घाट बांके बिहारी मंदिर से लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। रेस्क्यू अभियान में जुटे अधिकारियों के अनुसार, यमुना नदी का बहाव तेज होने के कारण लापता लोग काफी दूर तक बह गए हो सकते हैं। साथ ही नदी के भीतर गाद और रेत में शव दबने की आशंका भी जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार 24 घंटे बाद शव पानी की सतह पर आ जाते हैं, इसलिए लगातार तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नाव की क्षमता 40 लोगों की थी, लेकिन यात्रियों को किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई थी। नाविक द्वारा किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पानी की गहराई करीब 25 फीट बताई जा रही है।
तेज हवा चलने से नाविक का डगमगाया नियंत्रण
हादसे में जीवित बचे एक युवक ने बताया कि नाव तट से लगभग 50 फीट दूर नदी के बीच पहुंच चुकी थी। उसी दौरान करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने लगी, जिससे नाव डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। यात्रियों ने नाविक से नाव रोकने की गुहार लगाई, क्योंकि सामने पीपा पुल था, लेकिन उसने बात नहीं मानी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, मगर तीसरी बार टक्कर के बाद नाव पलट गई और डूब गई।
स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं को निकाला बाहर
हादसे के बाद पांटून पुल की मरम्मत कर रहे मजदूरों, अन्य नाविकों और स्थानीय लोगों ने कई श्रद्धालुओं को बाहर निकाला। बाद में प्रशासनिक टीमों ने मोर्चा संभाला और राहत कार्य तेज किया गया। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद को हादसे के करीब छह घंटे बाद रात नौ बजे हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि नाव उसी की थी और उसने श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था। हादसे के बाद वह फरार हो गया था।
मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं स्थित श्री बांके बिहारी क्लब द्वारा दो बसों में 130 श्रद्धालुओं का दल वृंदावन दर्शन के लिए रवाना हुआ था। इनमें 90 श्रद्धालु जगराओं के थे, जबकि अन्य आसपास के शहरों से शामिल हुए थे। यह चार दिन की धार्मिक यात्रा थी। मृतकों में एक ही परिवार के सात सदस्य शामिल हैं। इनमें मधुर बहल, उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत, चाची पिंकी बहल, बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी के नाम शामिल हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में शोक की लहर है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

