प्रकृति और प्राकृतिक धरोहरों को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी : वनमंत्री केदार कश्यप

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      • कोरबा प्रवास के दौरान वनमंत्री ने अशोक वाटिका में रोपा साल का पौधा

      • सतरेंगा-बुका को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में विकसित करने बनेगी विशेष कार्ययोजना

      कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने अपने दो दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान अशोक वाटिका में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत साल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जंगल, पेड़-पौधे और प्राकृतिक स्थल हमारी साझा धरोहर हैं। इन्हें संरक्षित करना और आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।

          मंत्री केदार कश्यप

          वनमंत्री ने अशोक वाटिका का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वाटिका के बेहतर संचालन पर प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने जिला प्रशासन की सराहना की। उन्होंने वाटिका में अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगाने और प्रत्येक पौधे के संबंध में जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थी यहां आकर विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ लोगों की आजीविका का भी महत्वपूर्ण साधन हैं। कोरबा में कई प्राकृतिक और दर्शनीय स्थल हैं, जिन्हें संरक्षित करते हुए पर्यटन के रूप में विकसित करने की जरूरत है।

          मंत्री केदार कश्यप

          केदार कश्यप ने सतरेंगा और बुका को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक विकसित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हाउस बोट जैसी सुविधाओं की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय, प्रभारी कलेक्टर एवं निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

          दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण पर जोर

          वनमंत्री ने कोरबा जिले में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने किंग कोबरा और रसेल वाइपर के संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। इसके अलावा अशोक वाटिका में अधोसंरचना विकास और पुरानी बस्ती कोरबा स्थित वन विभाग के पुराने डिपो को सुंदर उद्यान के रूप में विकसित करने की संभावनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

          अशोक वाटिका में 3 हजार से अधिक पौधे

          प्रभारी कलेक्टर एवं निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया कि शहर के मध्य स्थित अशोक वाटिका करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैली है। यहां विभिन्न प्रजातियों के 3 हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं। वाटिका में पर्यावरणीय गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इको क्लब का गठन किया गया है। परिसर में तालाब भी है और बड़ी संख्या में नागरिक सुबह-शाम भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि पहले अशोक वाटिका के रखरखाव में करीब 25 लाख रुपये सालाना खर्च होता था, जबकि वर्तमान में वाटिका से लगभग 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह आय प्राप्त हो रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

          हरियाली और खेल सुविधाओं को बढ़ावा

          महापौर संजू देवी राजपूत ने बताया कि नगर निगम और शासन-प्रशासन द्वारा हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए लगातार पौधरोपण किया जा रहा है। शहर में उद्यानों के विकास के साथ खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से इनडोर स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी पौधरोपण किया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखने का संदेश दिया। वनमंत्री ने कहा कि आज लगाया गया पौधा सिर्फ हरियाली बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की नींव है।

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