रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की नई कप्तान स्मृति मंधाना ने स्पष्ट किया है कि कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने के बाद भी उनकी बल्लेबाजी का अंदाज नहीं बदलेगा। उनका पूरा ध्यान पहले की तरह रन बनाने और टीम को जीत दिलाने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन महीने टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान टीम के नए मानक तय करने और खेल के हर क्षेत्र में सुधार करने पर जोर दिया जाएगा।

भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज 16 अक्टूबर से शुरू होगी। सभी मुकाबले नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। दूसरा मैच 18 अक्टूबर और तीसरा मुकाबला 20 अक्टूबर को होगा। सभी मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे। सीरीज से पहले पत्रकारों से बातचीत में स्मृति मंधाना ने कहा कि कप्तानी के दौरान वह अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगी, लेकिन बल्लेबाजी करते समय उनका ध्यान रन बनाने पर ही रहेगा। गेंद उनके शॉट खेलने के दायरे में होगी तो वह अपना स्वाभाविक खेल दिखाने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने बताया कि कप्तान बनाए जाने की जानकारी उन्हें उसी दिन मिली, जिस दिन इसकी खबर सार्वजनिक हुई। पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर और मुख्य कोच के साथ टीम की आगे की रणनीति तथा आगामी बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर भी चर्चा हुई है।
पिछली नाकामियों से सबक लेकर सुधार पर जोर
स्मृति ने माना कि पिछले दो टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम नॉकआउट चरण तक नहीं पहुंच सकी थी। यह निराशाजनक रहा, लेकिन टीम में प्रतिभा और क्षमता की कमी नहीं है। जरूरत अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की है। उन्होंने कहा कि टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी, क्षेत्ररक्षण और फिटनेस सहित सभी क्षेत्रों में सुधार करने पर काम कर रही है। छोटे-छोटे सुधार भी टी-20 क्रिकेट में बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं। टीम का लक्ष्य अपने प्रदर्शन के स्तर को ऊंचा उठाना और एक मजबूत इकाई के रूप में सामने आना है।
ओस भी बनेगी रणनीति का हिस्सा
रायपुर के मौसम और मैदान की परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए स्मृति ने बताया कि शाम के समय ओस पड़ने से गेंदबाजों को परेशानी हो सकती है। इसे ध्यान में रखकर टीम संयोजन और रणनीति तैयार की जाएगी, ताकि खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिले। उन्होंने यह भी कहा कि जिम्बाब्वे जैसी टीमों से खेल का आनंद लेते हुए मैदान पर उतरने की सीख मिलती है। भारतीय टीम केवल मुकाबले जीतने ही नहीं, बल्कि अपने खेलने के तरीके और नए मानक स्थापित करने पर भी ध्यान देगी। आगामी मैचों को टीम अपनी तैयारियों को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है।
हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों की छोड़ी कप्तानी, स्मृति मंधाना बन सकती हैं अगली कप्तान

