Sunday, February 8, 2026

बालको प्रबंधन कानून, संविधान और प्रशासन को दे रहा खुली चुनौती : पूर्व मंत्री जयसिंह

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पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल

कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बालको पर फिर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) प्रबंधन ने अब कानून, संविधान और प्रशासन को खुली चुनौती दे रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा में आज स्थिति यह है कि निर्वाचित सरकार नहीं बल्कि कॉरपोरेट कंपनी शासन चला रही है।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवालपूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवालपूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आगे कहा कि बालको टाउनशिप में 40-45 वर्षों से ठेला-गुमटी, पान दुकान, मोची, दर्जी, नाई, रजाई-गद्दा निर्माण जैसे छोटे व्यवसायों से जीवन यापन कर रहे गरीब परिवारों को नोटिस देकर हटाना सीधा गरीबों पर हमला है। बालको प्रबंधन को यह गलतफहमी हो गई है कि वह सरकार से ऊपर है। गरीबों की रोजी छीनना, श्रमिकों को अपमानित करना और पर्यावरण को बर्बाद करना यही उसका विकास मॉडल है। उन्होंने आगे कहा कि बालको में ठेका श्रमिकों और कर्मचारियों का दो वर्षों से लगातार मानसिक उत्पीडऩ और अपमान किया जा रहा है। श्रम कानूनों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। अनेक शिकायतों के बाद भी शासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। विस्तार परियोजना की जनसुनवाई में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक किसी भी स्थानीय युवक को परियोजा विस्तार कार्य में रोजगार नहीं दिया गया। यह सिर्फ वादाखिलाफी नहीं, बल्कि जनता के साथ धोखा और प्रशासन की मिलीभगत का प्रमाण है।

कई एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा

जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि बालको द्वारा कई एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा, बिना अनुमति हजारों पेड़ों की कटाई, दशकों पुरानी सार्वजनिक सड़क को बंद करना, इंदिरा मार्केट की ड्रेनेज व्यवस्था चौपट करना, शांतिनगर में जमीन लेकर कूलिंग टॉवर बनाना, बिना मुआवजा और रोजगार, एनजीटी नियमों के विरुद्ध फ्लाई ऐश का निपटान जैसे गंभीर अपराध किए गए हैं। लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

ऊपर से आदेश आने के बाद काम शुरू

पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि मेरे पत्र के बाद डीएफओ ने जी-9 परियोजना रोकी थी, लेकिन दो दिन के भीतर ऊपर से आए आदेश के बाद काम फिर शुरू करा दिया गया। यह बताता है कि बालको के पीछे कौन खड़ा है। जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने इन सभी मामलों में पीएमओ से लेकर मुख्यमंत्री तक 14 पत्र भेजे, लेकिन नतीजा शून्य रहा। जब गरीब का ठेला हटाया जाता है, तब प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता है, लेकिन जब कॉरपोरेट कानून तोड़ता है तब सब चुप हो जाते हैं।

छोटे व्यवसायियों के नोटिस तत्काल रद्द किए जाए

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी यदि छोटे व्यवसायियों को हटाने की कार्यवाही तत्काल नहीं रोकी गई व श्रमिकों को न्याय नहीं मिला और बालको की अवैधानिक गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह मुद्दा सड़क से सदन तक जाएगा। आंदोलन होगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और बालको प्रबंधन की होगी। पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मांग की है कि छोटे व्यवसायियों के सभी नोटिस तत्काल रद्द किए जाएं। श्रमिक उत्पीडऩ व जनसुनवाई उल्लंघन की उच्चस्तरीय जांच हो। बालको के अवैध अतिक्रमण व पर्यावरण अपराधों पर एफआईआर व दंडात्मक कार्रवाई हो। स्थानीय जनता, श्रमिकों और गरीब व्यापारियों को संवैधानिक संरक्षण मिले।

बालको से उत्पन्न प्रदूषण मानक दर से कई गुना अधिक : जयसिंह अग्रवाल

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