कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के दिशा निर्देशन में नगर पालिक निगम कोरबा के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत स्थित सभाकक्ष में बैंकों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान अपर आयुक्त विनय मिश्रा ने लंबित प्रकरणों पर अफसोस व्यक्त करते हुए बैंकों को निर्देश दिए कि योजना के अंतर्गत लंबित सभी ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप हितग्राहियों को समय पर लाभ प्राप्त हो सके। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी 15,000 रुपये का कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान किया जाता है। बाद में इस राशि को बढ़ाकर 25,000 और 50,000 रुपये तक किया जा सकता है, जिसमें 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी शामिल है। योजना का मुख्य उद्देश्य पथ विक्रेताओं को वित्तीय सहायता देना, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना और उन्हें आर्थिक नुकसान से उबरने में मदद कर आत्मनिर्भर बनाना है।
योजना को सफलतापूर्वक लागू करने में दें सहयोग
बैठक में अपर आयुक्त विनय मिश्रा ने विस्तार से समीक्षा करते हुए बैंकों को निर्देशित किया कि वे योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करें। इस अवसर पर उपायुक्त नीरज कौशिक, बैंकों के प्रबंधकगण तथा जिला शहरी विकास अभिकरण के जिला मिशन प्रबंधक मनीष भोई भी उपस्थित थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न बैंकों में 12,980 हितग्राहियों के ऋण आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए हैं, जिनमें से 10,153 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं और 9,615 हितग्राहियों को ऋण वितरण कर लाभान्वित किया जा चुका है। अपर आयुक्त ने सभी बैंकों से कहा कि शेष लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर योजना को सफलता पूर्वक लागू करने में सहयोग दें, ताकि शासन की जनकल्याणकारी मंशा के अनुसार सभी हितग्राही समय पर लाभान्वित हो सकें।

