गरियाबंद (AkhandBharatHNKP.Com)। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 65वीं बटालियन को नक्सल विरोधी अभियानों में उसकी असाधारण सफलता और महत्वपूर्ण भूमिका के लिए बेस्ट ऑपरेशन बटालियन ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में आयोजित 87वें सीआरपीएफ दिवस समारोह में प्रदान किया।

बटालियन ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने की समय सीमा से पहले बेहतर ऑपरेशन लॉन्च कर प्रभावशाली परिणाम हासिल किए। बटालियन के कमांडेंट राधे श्याम सिंह ने ट्रॉफी ग्रहण करते हुए इसे बटालियन की असाधारण परिचालन क्षमता, प्रभावी नेतृत्व और राष्ट्र सुरक्षा के प्रति निष्ठा का प्रतीक बताया। उन्होंने यह गौरव अपने सभी जवानों को समर्पित किया, जो राष्ट्र की अखंडता, आंतरिक सुरक्षा और स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। जनवरी 2025 तक चलाए गए नक्सल विरोधी संयुक्त अभियानों में 65वीं बटालियन की रणनीति बेहद सफल रही। इन अभियानों में दो सीसी सदस्य सहित कुल 28 कुख्यात नक्सली मारे गए, जबकि 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
65वीं बटालियन की भूमिका निर्णायक
प्रदेश में सीआरपीएफ की सात कंपनियों में से पांच कंपनियां नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले में तैनात हैं। कुल्हाड़ीघाट, छिंदौला, ओड़ और बिंद्रा नवागढ़ जैसे इलाकों में इन कंपनियों की सक्रियता से जिले को नक्सल मुक्त बनाने में 65वीं बटालियन की भूमिका निर्णायक रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि नक्सल मुक्त भारत के अटल संकल्प को पूर्ण करने में बटालियन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

