एक सप्ताह बाद निगम करेगा हटाने की कार्रवाई
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। नगर पालिक निगम द्वारा निगम क्षेत्र के समस्त केबल ऑपरेटरों को निर्देशित किया गया है कि वे स्ट्रीट लाइट एवं विद्युत खंभों पर अव्यवस्थित एवं अनाधिकृत रूप से खींचे गए केबल तारों को एक सप्ताह के भीतर स्वयं हटाना सुनिश्चित करें। निर्धारित समय-सीमा में यदि केबल तारों का समुचित प्रबंधन एवं हटाने की कार्रवाई नहीं की जाती है, तो नगर निगम स्वयं इन केबल तारों को हटाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित केबल ऑपरेटरों की होगी।

नगर पालिक निगम द्वारा निगम क्षेत्र के प्रमुख मार्गों, डिवाइडरों, मुख्य एवं संपर्क सड़कों सहित विभिन्न स्थानों पर विद्युत खंभों में पोल पेंटिंग एवं रोप लाइट लगाने का कार्य प्रस्तावित है। किंतु शहर के विभिन्न केबल ऑपरेटरों द्वारा विद्युत खंभों पर अव्यवस्थित एवं अनाधिकृत रूप से बिछाए गए केबल तारों के कारण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। इससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है तथा केबल तारों के क्षतिग्रस्त होने की संभावना भी रहती है।
निगम ने स्पष्ट किया है कि सभी केबल ऑपरेटर स्ट्रीट लाइट एवं विद्युत खंभों पर अव्यवस्थित रूप से बिछाए गए केबल तारों को एक सप्ताह के भीतर स्वयं हटाएं। समय पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में निगम द्वारा केबल तार हटाने की कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित केबल ऑपरेटरों की होगी। साथ ही निगम ने सभी केबल ऑपरेटरों से अपील की है कि वे शीघ्र नगर निगम की विद्युत शाखा से संपर्क कर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश भी प्रभावी
इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर द्वारा याचिका क्रमांक डब्ल्यू.पी.पी.आई.एल. 3-2025 में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। विद्युत वितरण कंपनी द्वारा संधारित विद्युत खंभों पर अव्यवस्थित एवं अनाधिकृत रूप से बिछाए गए केबल तारों को हटाने के कार्य की धीमी प्रगति पर माननीय उच्च न्यायालय ने असंतोष व्यक्त किया है। न्यायालय ने अधीक्षण अभियंता, सी.एस.पी.डी.सी.एल. बिलासपुर को शीघ्र सुधार करते हुए अनुपालन रिपोर्ट सहित नया हलफनामा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
लटकते केबल तार बन रहे दुर्घटना का कारण
शहर के अधिकांश मार्गों, सड़कों एवं डिवाइडरों पर लगे स्ट्रीट लाइट एवं विद्युत खंभों में केबल तारों का अव्यवस्थित जाल देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर केबल तार काफी नीचे तक लटकते हुए पाए जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है तथा आम नागरिकों एवं वाहनों को आवागमन में असुविधा होती है। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन, आमजन को होने वाली असुविधा से राहत दिलाने तथा शहर को केबल तारों के जाल से मुक्त कराने के उद्देश्य से इन अव्यवस्थित एवं अनाधिकृत केबल तारों का समुचित प्रबंधन एवं हटाना अत्यंत आवश्यक है।

