नई दिल्ली (एजेंसी)। इंडिगो संकट को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि इंडिगो की गड़बड़ी पर सिर्फ एयरलाइन ही नहीं, बल्कि डीजीसीए के कामकाज की भी जांच होगी। अगर सीईओ को हटाने की जरूरत पड़ी तो हटाया जाएगा।
उड्डयन मंत्री ने आगे कहा कि इंडिगो का यह बड़ा फेलियर सामान्य गलती नहीं लगता, बल्कि इसमें जानबूझकर हुई लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार यह जांच कर रही है कि आखिर ऐसा संकट उसी समय क्यों आया और ऑपरेशंस होने के बावजूद हालात कैसे बिगड़े। जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है, वह जरूर होगी। नायडू ने ये भी बताया कि मैं पिछले 7 दिनों से लगातार मीटिंग कर रहा हूं और मुश्किल से सो पाया हूं, क्योंकि फोकस सिर्फ यात्रियों की परेशानी दूर करने पर है।
इंडिगो की उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती
इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों में 10 प्रतिशत कटौती करने का नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने निर्देश दिया है। पिछले हफ्ते क्रू रोस्टर, फ्लाइट शेड्यूल और संचार की कमी जैसे आंतरिक कुप्रबंधन के कारण यात्रियों को हुई भारी असुविधा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। मंत्रालय का मानना है कि एयरलाइन के संचालन को स्थिर करने और रद्दीकरण की घटनाओं को कम करने के लिए यह कटौती जरूरी है।
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