Monday, March 2, 2026

नकल माफिया पर सरकार का शिकंजा, 10 साल तक जेल, 1 करोड़ तक जुर्माना

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  • सरकार लाएगी छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम

रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। भर्ती परीक्षाओं की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार सख्त कानून लाने की तैयारी में है। सरकार आगामी बजट सत्र में छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम पेश करने जा रही है। प्रस्तावित कानून में भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और संगठित धांधली पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

बता दें कि प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई परीक्षार्थी भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़ा जाता है तो उसे 1 से 5 वर्ष तक की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। वहीं नकल कराने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ न्यूनतम 5 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की सजा और 1 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बार-बार अपराध करने की स्थिति में उम्रकैद तक की सजा दी जा सकेगी। बीते कुछ वर्षों में प्रदेश की कई बड़ी भर्ती परीक्षाएं विवादों में रही हैं। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा 2022 को लेकर व्यापक विवाद हुआ था, जिसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो कर रही है। इसी प्रकार वर्ष 2025 में व्यावसायिक परीक्षा मंडल की पीडब्ल्यूडी भर्ती परीक्षा के दौरान बिलासपुर के एक केंद्र में हाईटेक नकल का मामला सामने आया था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में विधानसभा में कहा था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गड़बडिय़ों पर रोक लगाने के लिए सरकार यह नया अधिनियम ला रही है।

शैक्षणिक परीक्षाएं दायरे से बाहर

स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक, तकनीकी, व्यावसायिक अथवा अन्य प्रकार की योग्यता प्राप्त करने के लिए आयोजित परीक्षाएं इस नए कानून के दायरे में नहीं आएंगी। इन परीक्षाओं में नकल या अनुचित साधनों के मामलों में छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम, 2008) के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षार्थियों पर भी कड़ा प्रावधान

भर्ती परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर संबंधित परीक्षार्थी का परिणाम निरस्त किया जाएगा। साथ ही 3 से 5 वर्ष तक वह राज्य की किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा। गंभीर मामलों में 1 से 5 वर्ष की सजा और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। दोबारा दोषी पाए जाने पर सजा 10 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।

कोचिंग संस्थानों पर भी शिकंजा

प्रस्तावित कानून के तहत कोई भी कोचिंग संस्थान लोक परीक्षा में सफलता की गारंटी देकर अभ्यर्थियों को प्रलोभन नहीं दे सकेगा। चयन या सफलता से संबंधित भ्रामक, झूठी या भड़काऊ जानकारी प्रकाशित करना प्रतिबंधित होगा। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संस्थान के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जा रहा है। राज्य सरकार का यह कदम भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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