कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने जामबहार स्थित ऐश डाइक-2 परिसर में आपातकालीन मॉक ड्रिल का आयोजन कर आपदा प्रबंधन प्रणाली, डाइक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी तैयारियों का परीक्षण किया। अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की क्षमता को परखना था।
मॉक ड्रिल के दौरान भारी बारिश और बादल फटने के कारण ऐश डाइक के ऊपर से पानी बहने तथा डाइक के क्षतिग्रस्त होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही आपातकालीन सायरन बजाया गया और साइट इमरजेंसी प्लान के तहत राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिए गए। बचाव दलों ने प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर उसे सुरक्षित किया। काल्पनिक रूप से घायल लोगों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया। साथ ही संयंत्र के उपकरणों को सुरक्षित रूप से बंद किया गया तथा कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। निर्धारित सभी प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित किया गया। मॉक ड्रिल का निरीक्षण प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न हितधारकों ने किया। इस दौरान नायब तहसीलदार दीपक पटेल, पुलिस विभाग से अजय सिंह एवं उनकी टीम तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय से रोहित कुमार मौजूद रहे। आसपास के परसाभाठा, रोगबहारी और जामबहार गांवों के जनप्रतिनिधियों एवं समुदाय के सदस्यों ने भी अभ्यास में भागीदारी निभाई।
बालको की आपातकालीन नेतृत्व टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। डिप्टी सीईओ (पावर) मंतोष कुमार सिंहा के नेतृत्व में मुख्य ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस प्रमुख मयंक श्रीवास्तव, चीफ इंसिडेंट कंट्रोलर अनिल कुमार मिश्रा, इंसिडेंट कंट्रोलर मुकुंद जी एडगांवकर, चीफ एचएसई एंड एस ऑफिसर बी. शिवाकुमार, सामुदायिक विकास अधिकारी प्रिंसी जॉन तथा चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर भारतेंदु कमल पांडे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बालको ने कहा कि कंपनी समय-समय पर ऐसे मॉक ड्रिल आयोजित कर कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और संबंधित एजेंसियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करती है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
फर्जी वेबसाइट और ई-मेल से सावधान रहने की बालको की अपील

