रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। रमजान के पाक महीने के 30 रोजे पूरे होने और चांद दिखने के साथ ही आज प्रदेशभर में ईद-उल-फितर का पर्व पूरे उल्लास, आस्था और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। राजधानी रायपुर सहित कोरबा, दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ समेत विभिन्न जिलों में सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने निर्धारित समय पर ईद की विशेष नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए दुआएं मांगीं।

नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। नए कपड़े पहनकर लोग परिवार और दोस्तों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करते नजर आए। कोरबा जिले में जामा मस्जिद, गरीब नवाज मस्जिद, नूरी मस्जिद और गेवराघाट ईदगाह में बड़ी संख्या में नमाजी एकत्रित हुए।

इसी तरह रायपुर में ईदगाह भाठा सहित शहर की प्रमुख मस्जिदों में नमाज अदा की गई। सुरक्षा और व्यवस्थाओं के मद्देनजर प्रशासन द्वारा आवश्यक इंतजाम भी किए गए थे। ईद-उल-फितर के मौके पर जकात और फितरा देने की परंपरा भी निभाई गई। लोगों ने जरूरतमंदों की मदद कर उन्हें भी त्योहार की खुशियों में शामिल करने का प्रयास किया। इस दिन का विशेष महत्व सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और इंसानियत के संदेश को मजबूत करना माना जाता है।
बनाए गए विशेष पकवान
रमजान के दौरान एक महीने तक रखे गए रोजों के बाद ईद का दिन खुशियों और उत्सव का प्रतीक होता है। इस अवसर पर घरों में विशेष पकवान बनाए गए और लोगों ने आपसी मेलजोल के साथ त्योहार का आनंद लिया।

