नई दिल्ली: एजेंसी ( AkhandBharatHNKP.Com) देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है, लेकिन सबकी नजरें तमिलनाडु पर टिकी हैं। राज्य के सियासी इतिहास में पिछले 60 सालों से एक अनोखा रिकॉर्ड बना हुआ है—यहाँ आजादी के बाद करीब 20 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस 1967 की हार के बाद कभी वापसी नहीं कर सकी। वहीं, भाजपा ने कई बार गठबंधन तो किए, लेकिन राज्य की सत्ता की चाबी आज भी उससे दूर है।1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द ही घूमती रही है। वर्तमान में यहाँ एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली DMK सरकार है।
पांच राज्यों में चुनावी बिगुल बजा: 17.4 करोड़ मतदाता करेंगे फैसला

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित कर दी हैं। इन राज्यों की 824 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए आज से ही आचार संहिता लागू हो गई है।

