कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। गेवरा रोड मेमू ट्रेन घटना के बाद अब रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद बिलासपुर के डीआरएम और प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को हटा दिया गया है।
चार नवंबर को गेवरारोड से बिलासपुर आ रही मेमू लोकल ट्रेन बिलासपुर स्टेशन से पहले खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मार दी थी। इस घटना में लोको पायलट समेत 12 यात्रियों की मौत हो गई थी। जबकि, 20 से अधिक यात्री घायल हुए थे। घटना के बाद रेलवे ने उच्च स्तरीय जांच कराने की घोषणा की थी। रेल मंत्रालय ने रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ब्रजेश कुमार मिश्रा को घटना की जांच का जिम्मा सौंपा था। सीआरएस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक ट्रेन संचालन में गंभीर चूक, सिग्नल नियमों की अनदेखी, लोको पायलट के गलत निर्णय क्षमता और रेलवे सिस्टम की कई तकनीकी खामियां सामने आई। रिपोर्ट आने के बाद बिलासपुर के डीआरएम राजमल खोईवाल और प्रिंसिपल चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजीव कुमार बरनवाल का ट्रांसफर कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने गुरुवार को आदेश जारी किया। इससे पहले मामले में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर सुबोध चौधरी और सीनियर डीओपी मसूद आलम को हटाया जा चुका है।
मृतकों के परिजनों को 10 लाख अनुग्रह राशि
दुर्घटना में प्रभावित लोगों के लिए रेलवे ने अनुग्रह राशि की घोषणा की थी। मृतकों के स्वजन 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को पांच लाख रुपये व सामान्य रूप से घायल यात्रियों को एक लाख की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
नए डीआरएम होंगे उमेश कुमार
मेमू ट्रेन घटना की रिपोर्ट आने के बाद बिलासपुर के डीआरएम राजमल खोईवाल को हटा दिया गया है। उनकी पदस्थापना किसी अन्य स्थान में की गई है या उन्हें निलंबित किया गया हे यह अभी रेलवे ने स्पष्ट नहीं किया है। रेलवे बोर्ड ने बिलासपुर रेल मंडल में वेस्टर्न रेलवे के उमेश कुमार को डीआरएम बनाया है।
सांसद ने जिम्मेदारी तय करने लिखा था पत्र
कोरबा मेमू ट्रेन घटना के बाद कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने रेलवे की व्यवस्था व सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा किया था। सांसद श्रीमती महंत ने रेलवे बोर्ड से दुर्घटना के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच कराने व घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। उन्होंने लगातार हो रही रेल दुर्घटनाओं को चिंताजनक बताया है।

