वॉट्सएप पर जय नाम से कई लेन-देन, जयचंद ने सौम्या को 8 करोड़ पहुंचाए
रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला मामले में जेल में बंद जयचंद कोशले के विरुद्ध आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर में करीब 1000 पन्नों का चालान पत्र पेश किया है। ईओडब्ल्यू ने जयचंद के विरुद्ध धारा 120बी, 420, 384, 467, 468, 471 एवं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7, 7ए एवं 12 के तहत यह चालान पेश किया है। जयचंद कोशले इस समय केन्द्रीय जेल रायपुर में बंद है। चालान में जयचंद पर आरोप लगाया गया है कि वह सौम्या चौरसिया के निर्देश पर अवैध कोल लेवी की वसूली की राशि को कलेक्ट करने तथा पहुंचाने का काम करता था।
बता दें कि अवैध कोल लेवी केस में अब तक कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया है। आगे और नाम जुडऩे के संकेत हैं। ईओडब्ल्यू के अनुसार इस प्रकरण में पहले जुलाई 2024 में 15 आरोपियों, अक्टूबर 2024 में 2 आरोपियों, अक्टूबर 2025 में 2 आरोपियों और अब जयचंद कोशले को मिलाकर कुल 20 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। पहले चालान में पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया, निलंबित आईएएस रानू साहू, समीर विश्नोई, सूर्यकांत तिवारी, निखिल चंद्राकर सहित कई नाम शामिल थे। ईओडब्ल्यू के मुताबिक आरोपी जयचंद कोशले उर्फ जय, मुख्यमंत्री सचिवालय में सौम्या चौरसिया का निज सहायक था। जांच में सामने आया है कि वह अवैध कोल लेवी से वसूली गई भारी नगद राशि का रिसीवर और मीडिएटर था।
डायरी से हुआ खुलासा
जांच के दौरान जब्त डायरी में जय नाम से दर्ज सभी एंट्रीज जयचंद कोशले और सौम्या चौरसिया से जुड़ी पाई गई हैं। डायरी में दर्ज एंट्रियां अवैध लेन-देन की पुष्टि करती हैं। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी और अन्य आरोपियों के मोबाइल से वॉट्सऐप ग्रुप की रियल-टाइम एंट्रियां, डिजिटल चैट्स और हिसाब-किताब भी बरामद किए गए हैं। जिनमें जय के नाम से रकम की जानकारी दर्ज है। वहीं ईओडब्ल्यू ने चालान शीट में यह भी दावा किया है कि जयचंद ने भी इस अवैध कोल लेवी वसूली की रकम का बड़ा हिस्सा प्राप्त किया है। इस रकम से उसने अपने परिवार के सदस्यों के नाम से भी संपत्ति क्रय की है जिसकी जांच की जा रही है।

