मूसलाधार बारिश से शहर के अधिकांश हिस्से जलमग्न, घरों में घुसा पानी, स्कूलों में अवकाश घोषित; SDRF राहत-बचाव में जुटी, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने 20 साल बाद बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हो गए हैं, जबकि सरकंडा और चांटीडीह समेत निचले क्षेत्रों में फंसे 40 से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। कई ट्रांसफॉर्मर डूब जाने से शहर के अनेक हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है और पेयजल संकट भी गहरा गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।

गुरुवार दोपहर से शुरू हुई बारिश रातभर जारी रही, जिससे सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। कई जगह नालों का पानी सड़कों पर बहने लगा और सड़क तथा नाले का अंतर समाप्त हो गया। जलभराव के कारण कई घरों में घुटनों तक पानी भर गया, जबकि वाहन और घरेलू सामान भी पानी में डूब गए। निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए SDRF की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। कई परिवारों ने पानी बढ़ने के कारण घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों का रुख किया।
कलेक्टर बंगले तक पहुंचा पानी
बारिश का असर प्रशासनिक परिसरों पर भी दिखाई दिया। कलेक्टर के सरकारी आवास और एसडीएम कार्यालय परिसर में भी जलभराव हो गया, जहां नगर निगम की टीम पानी निकासी के कार्य में लगी रही।जिला प्रशासन ने नागरिकों से जलभराव वाले मार्गों और नदी-नालों के ऊपर बने रपटों को पार नहीं करने की अपील की है। साथ ही कच्चे मकानों को नुकसान होने की स्थिति में तत्काल राहत उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। हाल ही में नगर निगम ने नालों की सफाई और बेहतर जल निकासी व्यवस्था का दावा किया था, लेकिन एक रात की तेज बारिश ने इन दावों की हकीकत सामने ला दी। शहर के कई प्रमुख मार्ग, कॉलोनियां और रिहायशी इलाके पानी में डूब गए, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आज भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
महापौर संजूदेवी राजपूत ने जलभराव प्रभावित इलाकों का किया दौरा

