Friday, February 6, 2026

आज से देश में चार नए श्रम कानून लागू ,मजदूरो को नियुक्ति पत्र,समय पर सैलरी देना होगा

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दिल्ली।(AkhandBharatHNKP.Com) केंद्र सरकार ने 21 नवंबर से चार नए श्रम कानूनों को लागू कर दिया है। नए श्रम कानून में वेज कोड (2019), इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड (2020), सोशल सिक्योरिटी कोड (2020) और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड (2020) शामिल है । नए श्रम कानूनों में  पुराने 29 श्रम कानूनों को एक साथ जोड़ दिया गया है। केंद्र सरकार की माने तो ये सुधार पुराने  कानूनों को आधुनिक बनाने, मजदूरों की भलाई को मजबूत करने और ऐसा माहौल बनाने के लिए हैं जिसमें भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स और मजबूत इंडस्ट्री दोनों बन सकें।

श्रम कानून

केंद्र सरकार का कहना है कि नए श्रम कानून से मजदूरों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी, कंपनियों के  लिए नियम आसान होंगे और एक प्रतिस्पर्धी, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। भारत के ज्यादातर श्रम कानून 1930 से 1950 के दशक में बने थे, जब अर्थव्यवस्था और काम  करने का तरीका बिल्कुल अलग था। केंद्र सरकार के मुताबिक, सालों से ये यह कानून कन्फ्यूजन पैदा करते थे, कंप्लायंस मुश्किल था और मजदूरों को मिलने वाली सुरक्षा भी पुरानी हो चुकी थी। दुनिया के बड़े-बड़े देशों ने अपने लेबर सिस्टम को अपडेट कर लिया, लेकिन भारत अभी भी पुराने कानूनों पर चल रहा था। अब चार नए श्रम कानूनों को लागू कर देने से मजदूरो की दशा व दिशा में सुधार आयेगा।

पहले पांच अब एक साल में ग्रेच्युटी

नए श्रम कानून में फिक्स्ड टर्म वाले कर्मचारियों को अब परमानेंट कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिलेंगी। छुट्टी, मेडिकल, सोशल सिक्योरिटी सब परमानेंट कर्मचारियों की तरह देना होगा।  ग्रेच्युटी मिलने में पहले पांच साल लगते थे अब सिर्फ एक साल की सर्विस के बाद मिलेगी ग्रेच्युटी मिलने लगेगी। बराबर काम का बराबर वेतन और कॉन्ट्रैक्ट लेबर का ज्यादा इस्तेमाल रोकने का प्रावधान भी रखा गया है। प्रिंसिपल एम्प्लॉयर को सोशल सिक्योरिटी और हेल्थ बेनिफिट देना जरूरी होगा अब हर साल मुफ्त हेल्थ चेकअप मिलेगा।

महिलाओ को  बराबर वेतन

अब महिलाओ को  एक ही काम के लिए बराबर वेतन  देना होगा। जेंडर के आधार पर भेदभाव कानूनन प्रतिबंधित कर दिया गया है। महिला कर्मचारी अगर सहमति देगी और सुरक्षा पूरी रहेगी तो रात की शिफ्ट में हर सेक्टर में व अंडरग्राउंड माइनिंग में  भी काम कर सकेंगी। इसके लिए महिलाओ की सहमति और सुरक्षा जरूरी रहेगी । शिकायत के लिए जो कमेटी बनेगी उसमे  महिलाओं का प्रतिनिधित्व अनिवार्य रहेगा।

छुट्टी के दिनों का भी वेतन

नए जॉइन करने वाले कर्मचारी  को न्यूनतम मजदूरी की गारंटी देना होगा। इसके अलावा अपॉइंटमेंट लेटर देना जरूरी होगा व छुट्टी के दिनों का भी वेतन मिलेगा। MSME में काम करने वाले मजदूर न्यूनतम मजदूरी, बेसिक सुविधाएं, वेतन समय पर देना अनिवार्य करदिया गया है।  एक दिन में 8-12 घंटे और हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं लिया जा सकेगा । मजदूरो को ओवरटाइम अपनी मर्जी से करने की आज़ादी मिलेगी वह भी डबल रेट पर। साल में सिर्फ 30 दिन काम करने पर भी बोनस का हक मिलेगा।

 श्रम कानून में और क्या-क्या नया है

  •  न्यूनतम जीने लायक मजदूरी मिले सके।
  •   ट्रांसजेंडर लोगों के खिलाफ भेदभाव पर रोक।
  • एक लाइसेंस, एक रजिस्ट्रेशन, एक रिटर्न कंप्लायंस बहुत आसान।
  • पूरे देश में एक जैसे सेफ्टी और हेल्थ स्टैंडर्ड बनाएगा।
  • 500 से ज्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों में सेफ्टी कमेटी जरूरी।
  • फैक्ट्री की परिभाषा में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई ताकि छोटी यूनिट्स पर बोझ कम पड़े।

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