दुर्ग।(एजेंसी) अगर हिंदू समाज को जोड़ना, भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद के प्रति लोगों को जागरूक करना अंधविश्वास है, तो जिन्हें यह अंधविश्वास लगता है, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने उक्त बाते कहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार किया है। बघेल ने कहा था कि कथावाचक प्रदीप मिश्रा और धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास फैला रहे हैं।

बता दे कि भिलाई के जयंती स्टेडियम में कथावाचक पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा 25 दिसंबर से 29 दिसंबर तक हो रही है। गुरुवार को कथा से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया है। पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे आमतौर पर राजनीतिक बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस मुद्दे पर अपनी बात रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को एकजुट करना, हनुमान जी की भक्ति का प्रचार करना और राष्ट्रवाद की भावना जगाना अंधविश्वास नहीं है।
पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अब हर हिंदू को सनातन एकता पर जोर देना होगा। एक वर्ग 6% से बढ़कर 28% हो गया, जबकि हिंदू 90% से घटकर 80% रह गए। अगर अब भी खतरा महसूस नहीं हो रहा, तो शायद बांग्लादेश का नक्शा देखकर ही समझ आएगा। देश के 9 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। उन्होंने लव जिहाद का जिक्र करते हुए कहा कि, जब बहन-बेटियां इसमें फंसेंगी, तब खतरा महसूस होगा।
भूपेश बघेल बोले :
दुर्ग में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रदेश में दो महाराज आ रहे हैं। एक प्रदीप महाराज और दूसरे धीरेंद्र शास्त्री महाराज। ये न तो भगवान शिव के बारे में बताते हैं और न ही हनुमान के बारे में, केवल टोटका और अंधविश्वास की बातें करते हैं। बघेल ने कहा था कि आज समाज जितना पढ़ा-लिखा होता जा रहा है, उतना ही अंधविश्वासी भी होता जा रहा है। आम लोग खुद इन कथावाचकों से ज्यादा जानते हैं कि शिव कौन हैं, हनुमान कौन हैं और पूजा कैसे की जाती है।

