बिसाहूदास महंत की 102वीं जयंती पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ के जननेता एवं प्रदेश की अस्मिता के प्रतीक स्वर्गीय बिसाहूदास महंत की 102वीं जयंती पर ओपन थिएटर घंटाघर के समीप स्थित स्मृति उद्यान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस नेताओं ने उन्हें नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि स्व. बिसाहूदास महंत का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे जनप्रिय नेता थे और चार बार मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने कहा कि महंत जी कबीर पंथी होने के साथ गांधीवादी विचारधारा के समर्थक थे और सादा जीवन-उच्च विचार को जीवन का मूल मंत्र मानते थे। कार्यक्रम की शुरुआत स्व. बिसाहूदास महंत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इस अवसर पर पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर, ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, पूर्व सभापति श्याम सुंदर सोनी, नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू, पूर्व अध्यक्ष नत्थूलाल यादव, सुरेंद्र प्रताप जायसवाल, हरीश परसाई, उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संसदीय जगत के पुरोधा माने जाते थे स्व. बिसाहू : जयसिंह
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि स्व. महंत अपनी ओजस्वी शैली और कार्य करने की प्रतिबद्धता के कारण संसदीय जगत के पुरोधा माने जाते थे। उन्होंने पृथक छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी भाषा और समृद्ध संस्कृति का सपना देखा था। उन्होंने कहा कि आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके त्यागमय जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
स्व. महंत जी की स्मृतियों को सहेजना जरूरी : कंवर
पूर्व विधायक पुरुषोत्तम कंवर ने कहा कि महंत जी की स्मृतियों को सहेजना और उनके मानवीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना जरूरी है। वहीं पूर्व विधायक मोहित केरकेट्टा ने कहा कि उनके विचार और अनुशासन आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। कटघोरा नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल ने उन्हें मानव सेवा के प्रति समर्पित व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि वे पीडि़तों के हित में सदैव कार्य करते रहे।

