बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com) । दुष्कर्म और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के मामले में आरोपी आईएएस अधिकारी जेपी पाठक ने ट्रायल के लिए कोर्ट बदलने की याचिका को हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दी है।

आईएएस अधिकारी जेपी पाठक पर जांजगीर-चांपा जिले में पदस्थ रहने के दौरान एक महिला ने यौन शोषण और जातिगत प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। महिला की शिकायत पर आईएएस पाठक के खिलाफ दुष्कर्म और एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यह मामला वर्तमान में जांजगीर-चांपा की विशेष न्यायालय में ट्रायल में चल रहा है।
आईएएस जेपी पाठक ने हाईकोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन क्रिमिनल दायर कर मांग की थी कि यह केस जांजगीर-चांपा से हटाकर प्रदेश के किसी अन्य कोर्ट में भेजा जाए। यह याचिका चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की सिंगल बेंच में सुनवाई के लिए लगी। हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर उल्लेख किया कि सुनवाई के लिए मामला पुकारे जाने के बावजूद किसी भी वकील की उपस्थिति नहीं रही। न तो किसी ने केस आगे बढ़ाने का अनुरोध किया और न ही स्थगन की अर्जी लगाई। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि बार-बार बुलाने पर भी आवेदक के वकील उपस्थित नहीं हुए, इससे प्रतीत होता है कि आवेदक को याचिका में रुचि नहीं है। आगे भी ट्रायल जांजगीर-चांपा की विशेष न्यायालय में चलेगा ।

