नई दिल्ली (एजेंसी) (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए ताकि वे खुद को रिचार्ज कर सकें। उन्होंने कहा कि जजों के काम के घंटे लंबे होते हैं और उनका काम बेहद तनावपूर्ण होता है। उनके काम की प्रकृति को देखते हुए उन्हें मनोरंजक गतिविधियां करनी चाहिए। मनोरंजक गतिविधियों में वे गतिविधियां शामिल की जाती हैं, जिन्हें लोग अपने शरीर और दिमाग को तरोताजा करने के लिए करते हैं। इनमें खेलकूद, योग-ध्यान, तैराकी या पैदल चलना आदि कुछ भी हो सकता है।
सीजेआई ने ऑल इंडिया जज बैडमिंटन चैंपियनशिप के उद्घाटन कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जजों को अपनी उम्र के हिसाब से किसी मनोरंजक गतिविधि में शामिल होना चाहिए। जजों के काम के घंटे ज्यादा हैं और उनका काम की प्रकृति भी तनावपूर्ण है। उन्हें कई घटों तक बैठकर काम करना होता है। ऐसे में सभी जजों को मनोरंजक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए और इसे अपनी आदत में शुमार करना चाहिए। जजों को रिचार्ज करने के लिए ये जरूरी है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ‘उच्च न्यायालयों के जज बड़ी संख्या में इस चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं, इससे पता चलता है कि वे अपनी सेहत को लेकर जागरूक हैं। इस दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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