कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। जिले में सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण जनता में ट्रैफिक सेंस की कमी है। सड़क सुरक्षा माह के दौरान आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद, लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता की कमी देखी जा रही है।
कोरबा पुलिस के अनुसार, जिले में अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण होती हैं। लोगों के द्वारा हेलमेट न पहनना, चौक- चौराहों पर नियमों के अनुसार गाड़ी न चलाना और ओव्हरस्पीड के कारण दुर्घटना हो रही है।
कोरबा पुलिस ने 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। इस अभियान का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी ने किया, और इसमें जिले के समस्त थाना और चौकी क्षेत्रों में प्रभावी रूप से संचालित किया गया। समापन कार्यक्रम में, कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत व पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने करतला से हाटी रोड पर पेड़ों पर रेडियम पट्टी लगाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
स्कूल – कॉलेज में प्रशिक्षण कार्यक्रम
इस दौरान कोरबा पुलिस ने विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 12 स्कूलों और कॉलेजों में यातायात प्रशिक्षण कार्यक्रम, 1 हेलमेट रैली, 1 नुक्कड़ नाटक, और 9 सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से, लगभग 6705 नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, और सुरक्षित गति से वाहन चलाएं।
खराब ट्रैफिक सेंस का नजारा रेलवे क्रासिंग व सुनालिया पुल चौक में

कोरबा की जनता का ट्रैफिक सेंस इस कदर खराब है कि इसका नजारा शहर के रेलवे क्रासिंग व चौक- चौराहों में देखा जा सकता है। यह भी कहना गलत न होगा कि जल्दी निकलने की होड़ में जनता द्वारा जानबूझकर ट्रैफिक के नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। बता दें कि किसी भी रेलवे क्रासिंग में जब फाटक बंद रहता है तब दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों द्वारा बाएं ओर के साथ दाहिने ओर की सड़क में भी लंबी लाइन लगा दी जाती है। फाटक खुलने के बाद दोनों ओर से गाडिय़ों का आना- जाना होता है। और एक लंबे समय तक जाम लगा रहता है। जिससे हादसे का खतरा बना होता है। यहीं नजारा शहर के हॉटस्पॉट सुनालिया पुल में भी देखा जा सकता है। कोरबा पुलिस को इस ओर भी ध्यान देते हुए नियमों का उल्लंघ कर रही जनता को समझाइश देने के साथ-साथ कार्रवाई भी करनी चाहिए।

