उमेश के चार्ज नहीं लेने पर हुई नियुक्ति
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। गेवरा रोड मेमू ट्रेन घटना में डीआरएम राजमल खोईवाल को हटाए जाने के बाद पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी सीएई उमेश कुमार को डीआरएम बनाया गया था, लेकिन उन्होंने पारिवारिक कारणों से रेलवे बोर्ड के इस आदेश को ठुकरा दिया था। अब पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राकेश रंजन को डीआरएम नियुक्त किया गया है।
कोरबा-बिलासपुर मेमू हादसे की सीआरएस रिपोर्ट आने के बाद रेलवे बोर्ड ने 11 दिसंबर को तबादला आदेश जारी किया था। इस आदेश में वर्तमान डीआरएम राजमल खोईवाल को हटा कर उनकी जगह पश्चिम रेलवे में पदस्थ सीएसई उमेश कुमार को डीआरएम नियुक्त किया था। उमेश कुमार ने पारिवारिक परिस्थितियों और बेटे की पढ़ाई का हवाला देते हुए नई जिम्मेदारी संभालने में खुद को असमर्थ बताया। उन्होंने इस संबंध में रेलवे बोर्ड के सचिव को पत्र लिखा था। जिसमें कहा गया कि उनका बेटा वर्तमान में 10वीं कक्षा के मध्य सत्र में है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण समय में परिवार को शिफ्ट करने से बेटे की पढ़ाई और तैयारी पर नकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी भी कार्यरत हैं, जिससे इस समय तबादला व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। बता दें कि उमेश कुमार पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी सीएसई हैं। रेलवे बोर्ड ने बिलासपुर रेल मंडल के डीआरएम की नियुक्ति के लिए नया आदेश जारी किया है। जिसमें पूर्व मध्य रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राकेश रंजन को बिलासपुर रेल मंडल का नया डीआरएम नियुक्त किया है। यह आदेश रेलवे बोर्ड ने 18 दिसंबर को जारी किया है। साथ ही उमेश कुमार की नियुक्ति आदेश को भी निरस्त कर दिया गया है।
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