राज्यसभा : वंदे मातरम् का विरोध कांग्रेस के खून में है : अमित शाह

      खडग़े बोले- प्रधानमंत्री व गृह मंत्री सिर्फ नेहरू को क्यों निशाना बनाते हैं?

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          नई दिल्ली (एजेंसी)। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर राज्यसभा में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् के महत्व को नहीं जानते वे इसे चुनाव से जोड़ रहे हैं। बता दें कि एक दिन पहले लोकसभा में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सवाल पूछा था कि ये गीत 150 साल से देश की आत्मा का हिस्सा है। फिर आज इस पर बहस क्यों हो रही है? मैं बताती हूं- क्योंकि बंगाल का चुनाव आ रहा। मोदी जी उसमें अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
          हालांकि केन्द्रीय मंत्री शाह ने जवाब में प्रियंका का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा जब वंदे मातरम 100 साल का हुआ तब पूरे देश को बंदी बना दिया गया। जब 150 साल पर कल सदन (लोकसभा) में चर्चा शुरू हुई, गांधी परिवार के दोनों सदस्य (राहुल-प्रियंका) नदारद थे। वंदे मातरम का विरोध नेहरू से लेकर आज तक कांग्रेस नेतृत्व के खून में है। गौरतलब है कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर भारत सरकार की ओर से सालभर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 2 दिसंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई थी। इसमें तय किया गया था कि वंदे मातरम को लेकर 8 दिसंबर को लोकसभा और 9 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा होगी।

          क्या कांग्रेस कार्यसमिति में नेहरू जी अकेले थे? : खडग़े

          मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा- नेहरू जी, महात्मा गांधी, मौलाना आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र, सरदार पटेल, गोविंद वल्लभ पंत सहित कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें सिफारिश की गई थी कि राष्ट्रीय समारोहों में जहां भी वंदे मातरम गाया जाता है, केवल पहले दो स्टैंजा ही गाए जाने चाहिए। क्या कांग्रेस कार्यसमिति में नेहरू जी अकेले थे? आप उन सभी बड़े नेताओं का अपमान कर रहे हैं जिन्होंने सामूहिक फैसला लिया था। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नेहरू जी को क्यों निशाना बनाते हैं?

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