मक्के की फसल की आड़ में भाजपा नेता कर रहे थे अफीम की खेती, पुलिस व प्रशासन की दबिश

      Date:

      दुर्ग-भिलाई (AkhandBharatHNKP.Com)। दुर्ग जिले के समोदा और झिंझरी गांव की सीमा पर स्थित खेत में मक्के की फसल की आड़ में लंबे समय से अफीम की अवैध खेती किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने 6 मार्च को मौके पर छापेमारी कर कार्रवाई की, जहां करीब डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अफीम की फसल पाई गई। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार पूरे खेत में लगभग 4 से 5 एकड़ तक अफीम की खेती किए जाने की आशंका जताई जा रही है। सरपंच अरूण गौतम ने आरोप लगाया है कि अफीम की खेती भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष विनायक ताम्रकर और बृजेश ताम्रकर कर रहे थे। जिस पंच ने पुलिस को सूचना दी थी, उसके साथ मारपीट भी की गई है।

          मक्के की फसल

          मामला जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र के समोदा गांव से जुड़ा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेत का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से सैंपल भी एकत्र किए हैं। अंधेरा होने के कारण शुक्रवार शाम को कार्रवाई रोक दी गई, जिसे 7 मार्च को दोबारा जारी रखा जाएगा। जांच के लिए रायपुर से विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई जा रही है। बता दें कि खेत में करीब 4 से 5 एकड़ में मक्के की फसल लगी हुई थी। इसी फसल के बीच अफीम के पौधे लगाए गए थे, ताकि किसी को संदेह न हो। सूचना मिलने के बाद एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। मौके पर तहसीलदार और आरआई को भी बुलाया गया। अफीम की संभावित कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है।

          सरपंच ने लगाए आरोप

          समोदा गांव के सरपंच और सरपंच संघ के उपाध्यक्ष अरुण गौतम ने आरोप लगाया है कि यह खेत भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष विनायक ताम्रकर और बृजेश ताम्रकर से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले उन्हें फोटो के जरिए अफीम की खेती की जानकारी मिली थी। तस्वीरों को गूगल के माध्यम से जांचने पर पुष्टि हुई कि यह अफीम के पौधे हैं। इसके बाद 5 मार्च को जेवरा चौकी में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई और फोटो भी पुलिस को सौंपे गए।

          भाजपा नेता ने आरोपों से किया इनकार

          भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष विनायक ताम्रकर ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें अफीम की खेती के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार जमीन अधिया व्यवस्था के तहत खेती के लिए दी गई थी। उन्होंने बताया कि पड़ोसी गांव झिंझरी में कुछ बाहरी लोग चोरी-छिपे अफीम की खेती कर रहे थे, जिसकी जानकारी मिलने पर वे अपने खेत को देखने पहुंचे थे।

          जांच जारी, कुछ लोग हिरासत में

          दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि अफीम की खेती की सूचना की जांच में पुष्टि हुई है और मौके पर अवैध फसल पाई गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी जांच के बाद ही मामले का पूरा खुलासा हो सकेगा।

              Share post:

              Popular

              More like this
              Related

              महतारी गौरव वर्ष : महिला सशक्तिकरण के नवयुग की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़

              रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़...

              लापरवाही पर राजस्व निरीक्षक व 14 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस

              राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों की हुई मासिक समीक्षा बैठक कोरबा...

              घरेलू सिलेंडर 60 व कॉमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए हुआ महँगा

              नई दिल्ली (एजेंसी)। केंद्र सरकार ने घरेलू और कॉमर्शियल...