नेहा बोरा बोलीं- हिरासत और मारपीट से नहीं रुकेगा आंदोलन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर जारी है विरोध
नई दिल्ली (एजेंसी)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गुरुवार को हंगामा हो गया। कार्यक्रम में अधिवक्ता कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज सहित कई लोग शामिल हुए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा ने बोलना शुरू किया, तो कुछ लोगों ने ‘बंद करो’ के नारे लगाए। इसके बाद अभिजीत दीपके ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की। नेहा बोरा ने कहा कि यह लड़ाई केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को हिरासत में लेने और उनके साथ मारपीट करने से आंदोलन नहीं रुकेगा। उनके मुताबिक, आम और गरीब परिवारों के बीच भी यह मुद्दा बना हुआ है। अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को तिरंगा लहराने से रोका गया और दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सरकार इतनी गंभीर क्यों है। दीपके ने कहा कि देश गांधी के विचारों और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुसार चलना चाहिए। सीजेपी ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में फिर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर के विरोध में आंदोलन कर रहा है।
प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इस बीच, भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी और नेहा बोरा पर बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों जैसी स्थिति भारत में बनाने की मंशा रखने का आरोप लगाया। वहीं, चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने कनॉट प्लेस में प्रस्तावित मार्च को अनुमति नहीं देने की मांग की है। संगठन के चेयरमैन बृजेश गोयल ने दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से दिल्ली के कारोबार को करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। उधर, सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार को विशेष अदालत ने पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था।

