Thursday, February 19, 2026

आरआई पेपर लीक मामला: सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव व हेमंत कुमार कौशिक बनाए गए आरोपी

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  • 3,000 पन्नों का चालान पेश, होटल-फार्महाउस में ठहराकर बांटे गए थे प्रश्नपत्र

रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ राजस्व निरीक्षक विभागीय परीक्षा-2024 के पेपर लीक मामले में जांच एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि 7 जनवरी 2024 को आयोजित होने वाली परीक्षा से पहले ही मोटी रकम लेकर प्रश्नपत्र लीक कर दिए गए थे। मामले में सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और हेमंत कुमार कौशिक को आरोपी बनाया गया है। स्पेशल कोर्ट में लगभग 3,000 पन्नों का चालान पेश किया गया है।

परीक्षा-2024 जांच एजेंसी के अनुसार लीक हुआ प्रश्नपत्र 100 से अधिक अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से यह भी पुष्टि हुई है कि परीक्षा से एक रात पहले, यानी 6 जनवरी 2024 को कई अभ्यर्थियों और आरोपियों की लोकेशन एक ही स्थान पर पाई गई। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि परीक्षा से पहले ही उन्हें प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिया गया था। मामले में सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और हेमंत कुमार कौशिक को आरोपी बनाया गया है। एसीबी- ईओडब्ल्यू जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वीरेंद्र जाटव ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र को एक वरिष्ठ अधिकारी के घर पर टाइप किया और बाद में उसे अवैध रूप से अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया।

होटल और फार्महाउस में रुकवाए गए अभ्यर्थी

एसीबी- ईओडब्ल्यू की जांच में खुलासा हुआ है कि अलग-अलग जिलों से आए अभ्यर्थियों को रायपुर के होटल, फार्महाउस और रिजॉर्ट में ठहराया गया। वहीं पर उन्हें प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए। अभ्यर्थियों को सवाल पढ़कर नोट करने और परीक्षा से पहले लिखी गई सामग्री को जला देने के निर्देश दिए गए ताकि कोई सबूत न बचे। इस पूरे नेटवर्क में आरोपियों के कुछ रिश्तेदारों की भी संलिप्तता सामने आई है।

डिजिटल साक्ष्य और मनी ट्रेल से खुलासा

जांच एजेंसी को कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनसे यह साबित हुआ है कि प्रश्नपत्र अलग-अलग माध्यमों से पहुंचाए गए और इसके बदले धनराशि ली गई। अब मामले में गहन जांच की जा रही है। अन्य अधिकारियों, राजस्व निरीक्षकों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

उत्तर पुस्तिकाओं में चौंकाने वाली समानता

जांच में यह भी पाया गया कि जिन अभ्यर्थियों को एक साथ ठहराया गया था, उनके परीक्षा परिणामों में काफी समानता थी। केवल अंक ही नहीं, बल्कि उत्तर पुस्तिकाओं में सही और गलत उत्तरों का पैटर्न भी एक जैसा पाया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि उन्होंने एक ही उत्तर कुंजी के आधार पर तैयारी की थी। उल्लेखनीय है कि 19 नवंबर 2025 की तड़के संयुक्त टीम ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग समेत 7 जिलों में एक साथ 19 ठिकानों पर छापेमारी की थी। अनियमित चयन और अवैध संपत्ति अर्जित करने की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

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