बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। प्रदेश की जर्जर सड़कों को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार और एनएचएआई द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की और सभी निर्माण कार्यों की निरंतर निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने राज्य शासन और एनएचएआई से स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने शपथपत्र में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। बिलासपुर की प्रमुख सड़क पेंड्रीडीह चौक से नेहरू चौक के लिए 4937.39 लाख रुपये की अनुमानित लागत को घटाकर 4079 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है। काम को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, सीपत से बलौदा रोड के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जशपुर-अंबिकापुर समेत कई नेशनल हाईवे मार्गों पर एनएचएआई कार्य करेगा। मोपका-सेंदरी बायपास स्वीकृत हो चुका है और जल्द टेंडर होगा। श्रीकांत वर्मा चौक से सीएमडी चौक (बिलासपुर) तक प्रशासनिक मंजूरी 3 फरवरी 2026 को मिल चुकी है। तारबहार से शिव टॉकीज चौक तक का काम पूरा हो चुका है। नगर निगम क्षेत्र की सड़कों का निर्माण निगम द्वारा किया जा रहा है। मंगला चौक से दीनदयाल उपाध्याय नगर तक चौड़ीकरण और अन्य कार्य जारी हैं। नारायणपुर से भाटापारा रोड के लिए 9 मार्च 2026 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया है।
जमीन विवाद के चलते रूका था एचएन 130
एनएचएआई ने कोर्ट को बताया कि एचएन-130 (कोरबा-कटघोरा क्षेत्र) में जमीन विवाद के कारण रुका हुआ 2 किलोमीटर का कार्य अब हल हो गया है। 20.13 करोड़ रुपये की लागत से नया टेंडर दिया गया है और जनवरी 2026 से काम शुरू हो चुका है। यह कार्य मानसून से पहले पूरा होने की संभावना है। एनएच-149बी (कटघोरा-गोपालपुर) की 8.55 किलोमीटर सड़क का सुधार और मजबूतीकरण भी तेजी से जारी है, जिसकी लागत 22.48 करोड़ रुपये है।
मरम्मत व निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग जरूरी
डिवीजन बेंच ने कहा कि राज्य सरकार और एनएचएआई ने कई सकारात्मक कदम उठाए हैं, लेकिन सभी कार्य समय पर पूरे हों, इसके लिए निरंतर निगरानी जरूरी है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी सचिव से अगली सुनवाई तक नई प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। एनएचएआई को भी सभी निर्माण कार्यों की समय सीमा और पूरा होने की स्थिति सहित रिपोर्ट देने को कहा गया है। कोर्ट 5 मई की सुनवाई से पहले सभी कार्यों की प्रगति की मॉनिटरिंग करेगा।

