विधानसभा में हंगामा, जंबूरी आयोजन और जान से मारने की धमकी को लेकर विपक्ष ने किया वॉकआउट

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          रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। विधानसभा में जंबूरी आयोजन को लेकर हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आयोजन में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप उठाए। उन्होंने सवाल किया कि जंबूरी के लिए कितनी बार निविदा (टेंडर) जारी हुई, कब-कब हुई और काम शुरू होने से पहले क्या प्रक्रिया पूरी की गई। इस पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे विधानसभा में तनाव का माहौल बन गया।

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          मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि पहला टेंडर तकनीकी कारणों से निरस्त हुआ और नियमों में बदलाव के बाद 23 दिसंबर को दोबारा जारी किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ और नियमों में बदलाव नेशनल स्काउट गाइड परिषद की अनुमति से किए गए। शून्यकाल में विधायक रिकेश सेन को जान से मारने की धमकी का मुद्दा उठाया गया। उमेश पटेल ने सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। संसदीय मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विधायक पूरी तरह सुरक्षित हैं। बावजूद इसके विपक्ष ने स्पष्टीकरण से असंतुष्ट होकर वॉकआउट किया और सदन में हंगामा मचा।

          अजय चंद्राकर ने पूरे सदन को हाईजैक कर लिया : बघेल

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          पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि विधायक से बात की गई है और जवाब आने तक विपक्ष कार्यवाही में भाग नहीं लेगा। उन्होंने ट्रेजरी बेंच खाली होने पर तंज भी कसा। इस पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भूपेश बघेल ने चरणदास महंत का अस्तित्व खत्म कर दिया और नेता प्रतिपक्ष को हाईजैक कर लिया। भूपेश बघेल ने जवाब में कहा कि अजय चंद्राकर ने पूरे सदन को हाईजैक कर लिया।

          शिक्षा पर सवाल- जवाब

          प्रश्नकाल में नेता-प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्वामी आत्मानंद स्कूल का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रदेश में कितने अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं, नर्सरी कक्षाओं की स्वीकृति कब दी गई और प्री-प्राइमरी कक्षाएं कितनी चल रही हैं। उन्होंने कई जिलों में शिक्षकों के स्थानांतरण की शिकायतें भी उठाईं। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब दिया कि अभी किसी जिले में शिक्षकों को नहीं हटाया गया है। 14 जिलों के 54 विद्यालयों में प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित हैं और प्रदेश में 11 हजार बालवाड़ी नई शिक्षा नीति के तहत खोले जाएंगे।

          विधानसभा में गूंजा अवैध खनन और अतिक्रमण का मुद्दा, विपक्ष ने की नारेबाजी

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