बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। बिलासपुर स्टेट बैंक के रिकॉर्ड और खातों में कथित हेराफेरी कर 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार रुपए के गबन के आरोप में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने स्टेट बैंक की एक कैशियर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रही थी। मामला बिल्हा स्थित एसबीआई शाखा का है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में बिल्हा शाखा में बैंक की राशि में अनियमितता का मामला सामने आया था। शाखा के रिकॉर्ड और खातों की जांच के दौरान पाया गया कि पदस्थ कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा और अन्य कर्मचारियों द्वारा रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार रुपए का गबन किया गया। बैंक में जमा राशि में अंतर पाए जाने पर शाखा प्रबंधक पीयूष बारा ने विभागीय जांच कराई। जांच में आर्थिक गड़बड़ी की पुष्टि होने पर मामले की जानकारी मुख्यालय को दी गई। इसके बाद कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा को जून 2025 में निलंबित कर रिजनल बिजनेस ऑफिस, जगदलपुर से अटैच किया गया। हालांकि, निलंबन के बाद आरोपी ने न तो जगदलपुर कार्यालय में कार्यभार ग्रहण किया और न ही बिल्हा शाखा में उपस्थित हुई। तब से वह अनुपस्थित और फरार थी।
एसीबी में दर्ज हुई एफआईआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए शाखा प्रबंधक ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने 19 जनवरी 2026 को आरोपी कैशियर और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(1)ए, 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 316(5), 318(4), 61(2), 338, 336(3), 340(2) के तहत मामला दर्ज किया।
8 महीने से थी फरार
एसीबी की टीम विभागीय जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी थी। बिल्हा शाखा में मुखबिर भी तैनात किए गए थे। गुरुवार को सूचना मिली कि आरोपी कैशियर बैंक पहुंची है। सूचना मिलते ही एसीबी की टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है।

