बिलासपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में कोयला उत्पादन, ऑफटेक और ओवरबर्डन रिमूवल के तीनों प्रमुख मानकों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। कंपनी ने 18 मार्च 2026 तक पिछले वित्त वर्ष के कुल उत्पादन के आंकड़े को पार करते हुए 167.7 मिलियन टन (एमटी) उत्पादन हासिल किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से लगभग 6 प्रतिशत अधिक है।

ओबी में भी पिछले वर्ष की अपेक्षा वृद्धि
ओवरबर्डन रिमूवल में भी कंपनी ने अब तक 350 मिलियन क्यूबिक मीटर का स्तर हासिल किया है, जिससे कोयला खनन गतिविधियों को गति मिलेगी। ऑफटेक के मोर्चे पर एसईसीएल ने 17 मार्च 2026 तक 171.3 मिलियन टन का आंकड़ा हासिल किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 4.5 प्रतिशत अधिक है।
देश की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ एसईसीएल
एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। हमारा लक्ष्य कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करना है। हम उत्पादन और आपूर्ति में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश में फैली एसईसीएल देश की दूसरी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है और राष्ट्रीय उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान देती है। गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए, कंपनी ने विशेष रणनीति के तहत उत्पादन और आपूर्ति को और मजबूत करने का कार्य किया है, ताकि विद्युत संयंत्रों को समयबद्ध और निर्बाध कोयला उपलब्ध कराया जा सके।
यहां इतना उत्पादन
- गेवरा परियोजना: 51.7 एमटी
- दीपका परियोजना: 36.5 एमटी
- कुसमुंडा परियोजना: 30.7 एमटी
- सेंट्रल इंडिया कोलफील्ड्स: 25.6 एमटी
- रायगढ़ क्षेत्र: 15.8 एमटी
- कोरबा क्षेत्र: 7.2 एमटी

