रायपुर (AkhandBharatHNKP.Com)। मनरेगा का नाम बदलने, गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों और अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को विधानसभा घेराव किया। प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रायपुर पहुंचे। पार्टी का दावा है कि करीब 30 हजार से अधिक कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हुए।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली दरों में बढ़ोतरी, किसानों से धोखा, धान खरीदी में वादाखिलाफी, गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि, बिगड़ती कानून व्यवस्था और नशे के कारोबार जैसे कई मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए यह प्रदर्शन आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत भी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। कुछ कार्यकर्ता नाली से गैस चूल्हा जोड़कर चाय बनाते नजर आए। इसके माध्यम से गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
भाजपा को गरीबों की बात सुनाई नहीं देती

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा कि भाजपा को गरीबों की बात सुनाई नहीं देती। सि$र्फ उद्योगपतियों की बातें सुनाई देती है। जहां भी गरीब के हक की बात होती है, वहां ये विरोध करने लगते हैं। इन्होंने मनरेगा के नाम के साथ नीति भी बदली है, नियत भी बदली है।
मनरेगा की मजदूरी घटकर 60 प्रतिशत हुई

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की सोच थी कि गरीबों को रोजगार का अधिकार मिले और वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मनरेगा की मजदूरी का पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी, लेकिन अब यह घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। बघेल ने कहा कि यदि नल-जल योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि ही नहीं आ रही है, तो अन्य योजनाओं का संचालन कैसे होगा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2028 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी और 2029 में राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने पर मनरेगा की राशि डेढ़ गुना बढ़ाई जाएगी।
केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि पहले मनरेगा का करीब 90 प्रतिशत फंड दिल्ली से आता था, लेकिन अब केंद्र सरकार ने कई तरह के नियंत्रण लगा दिए हैं। उन्होंने कहा कि पहले भारत सरकार किसी दबाव के सामने नहीं झुकती थी, लेकिन अब दबाव में फैसले लिए जा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की।

