नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का बुधवार को तीसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की जिसके चलते सदन की कार्यवाही करनी पड़ी। साथ ही नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाए गए।
विपक्षी दलों ने अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव का भारत पर प्रभाव तथा गैस-पेट्रोल की कीमतों जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की। लगातार शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही, जिसके बाद अध्यक्ष ने कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। सत्र के दौरान आज भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी है। इस प्रस्ताव पर बहस के लिए कुल 10 घंटे का समय तय किया गया है। मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। 50 से अधिक सांसदों के समर्थन के बाद पीठासीन अधिकारी ने प्रस्ताव को सदन में पेश करने और उस पर चर्चा की अनुमति दी थी।
हमें बार-बार बोलने से रोका जाता है : राहुल गांधी

लोकसभा में चल रही बहस के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में बोलने का अवसर नहीं मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद देश की जनता का प्रतिनिधित्व करती है, लेकिन जब विपक्ष अपनी बात रखना चाहता है तो उसे बार-बार रोका जाता है। राहुल गांधी ने सदन में कहा कि कई बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई है और कई बार उनका नाम भी लिया गया है। उन्होंने कहा यह सदन पूरे देश का प्रतिनिधित्व करता है। जब हम यहां बोलते हैं तो हम देश की जनता की आवाज उठाते हैं, लेकिन हमें बार-बार बोलने से रोका जाता है। उनके इस बयान के बाद सदन में कुछ देर तक पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने उठाए गंभीर सवाल

