एमडी भीम सिंह के दौरे के बाद सामने आई ग्रामीण बिजली समस्याओं की लापरवाही
देवपहरी गांव को ईद के दिन मिली 11 केवी हाई वोल्टेज लाइन, अधिकारियों की देरी के चलते तत्काल समाधान
पिछले मामलों की तरह रिश्वतखोरी और लापरवाही से जुड़े कई अधिकारी विभागीय कार्रवाई के दायरे में
कोरबा (AkhandBharatHNKP.Com)। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के एमडी भीम सिंह ने कोरबा जिले के दो बड़े अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। आदेश के तहत सुपरिटेंडिंग इंजिनियर बीके सरकार और कटघोरा के एक्जीक्यूटिव इंजिनियर अंशु वार्ष्णेय को तत्काल प्रभाव से हटाया गया।

यह कार्रवाई तब हुई जब एमडी भीम सिंह ने 10 मार्च को कोरबा दौरे के दौरान ग्रामीणों से लो वोल्टेज और बिजली कटौती की शिकायतें सुनीं। विशेष रूप से देवपहरी गांव में बच्चों और आदिवासी समुदाय ने बिजली की समस्या उजागर की। इस पर भीम सिंह ने अधिकारियों को 11 केवी लाइन खींचने और प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन लापरवाही के चलते फाइल अटकी रही। एमडी भीम सिंह ने नाराजगी जताते हुए तत्काल दोनों अधिकारियों को निलंबित किया और बिजली ठेकेदार को बुलाकर देवपहरी गांव तक लाइन खिंचवाई, जिससे ईद के दिन गांव को बिजली उपलब्ध कराई जा सकी।
आम लोगों के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करना होगा
यह मामला कोरबा में अफसरों की दूसरी बड़ी लापरवाही है। इससे पहले भी कार्यपालन अभियंता जितेंद्र कुमार सिंह को गलत जानकारी देने और भ्रष्टाचार के आरोपों पर निलंबित किया जा चुका है। जिले में बिजली कनेक्शन और मुफ्त बिजली योजनाओं में रिश्वतखोरी और मनमानी प्रशासनिक कार्य का गंभीर मुद्दा बन चुकी है। एमडी भीम सिंह का संदेश स्पष्ट है: मुख्यालय के अफसरों को आम लोगों के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करना होगा, तभी विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी।

